Monday, 06 February 2023, 5:56 AM

उपदेश

 विचार-निर्विचार चिंतन-अचिंतन

Updated on 5 February, 2023, 6:00
पूरा विश्व विचारों पर चलता है सारे आविष्कार युध्द आतंकवाद साहित्य सृजन भाषण प्रवचन तू-तू मैं-मैं सब विचारों की देन है। विचार ही सब कार्यों को अंजाम देता है। भक्ति प्रार्थना व्यवहार सेवा सब विचारों की देन है। हम सोचते हैं तो करते हैं होता है। अब प्रश्न यह है... Read More

सन्मार्ग की प्रवृत्ति

Updated on 1 February, 2023, 11:42
उत्तम कार्य की कार्य प्रणाली भी प्राय: उत्तम होती है। दूसरों की सेवा या सहायता करनी है तो प्राय: मधुर भाषण नम्रता दान उपहार आदि द्वारा उसे संतुष्ट किया जाता है। परन्तु कई बार इसके विपरीत क्रिया-प्रणाली ऐसी कठोर तीक्ष्ण एवं कटु बनानी पड़ती है कि लोगों को भ्रम हो... Read More

जीना और मरना

Updated on 30 January, 2023, 6:00
जिस भांति हम जीते हैं उसे जीवन नाममात्र को ही कहा जा सकता है। हमे न जीवन का पता है; न जीवन के रहस्य का द्वार खुलता है। न जीवन के आनंद की वष्रा होती है; न हम यह जान पाते हैं कि हम क्यों जी रहे हैं किसलिए जी... Read More

दुखी रहने वाले लोगों को इन बातों से मिलती है शांति..

Updated on 27 January, 2023, 8:01
आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार ज्यादातर लोगों को सख्त और कठोर लगते हैं, लेकिन उनकी बातें जीवन का वास्तविक सत्य हैं. उनका बताई बातें आज भी लोगों का मार्गदर्शन करती हैं. आचार्य चाणक्य ने तरक्की हासिल करने के कई राज बताएं हैं, जिन लोगों ने इसे जान लिया, इन... Read More

सुखद जीवन के लिए सिर्फ धन की नहीं होती जरूरत..

Updated on 27 January, 2023, 7:00
हर व्यक्ति ये चाहता है कि उसके पास कभी धन की कमी न हो. इसलिए वह सुबह से शाम तक दौड़ता-भागता रहता है जिससे वह धन कमा सके. चाहे वो कोई छोटी चीज हो या बड़ी, बिना धन के उसे खरीदना संभव नहीं होता. भले ही जीवन में धन सब... Read More

हाथ में नहीं टिकता पैसा तो एक बार जरूर अपनाएं ये उपाय, घर में आएंगी सुख-समृद्धि...

Updated on 26 January, 2023, 8:01
Garuda Puran: हिंदू धर्म में बहुत से ग्रंथ और महापुराण हैं और सभी का अपना विशेष महत्व है। महापुराणों में 18 महापुराण हैं जिनमें से गरुड़ पुराण भी प्रमुख है। धर्म शास्त्रों के मुताबिक किसी व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात गरुड़ पुराण पढ़ा जाता है। मान्यता है कि व्यक्ति की... Read More

Chanakya Neeti : दुश्मन से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं ये लोग, हमेशा बनाकर रखें दूरी...

Updated on 24 January, 2023, 8:01
Chanakya Neeti : चाणक्य नीति प्राचीन भारत के महान रणनीतिकार, विद्वान, शिक्षक, सलाहकार और अर्थशास्त्री चाणक्य द्वारा लिखी गई थी। मौर्य वंश की सफलता के पीछे चाणक्य की ही कूटनीति थी। चाणक्य को न केवल राजनीति बल्कि समाज के हर विषय का भी गहन ज्ञान और अंतर्दृष्टि थी। चाणक्य नीति... Read More

Chanakya Niti: अच्छे नेता बनना चाहते हैं तो हमेशा रखें इन बातों का ध्यान...

Updated on 23 January, 2023, 7:01
Chanakya Neeti : आचार्य चाणक्य श्रेष्ठ विद्वान, एक अच्छे शिक्षक के अलावा एक कुशल कूटनीतिज्ञ, रणनीतिकार और अर्थशास्त्री भी थे। चाणक्य की नीतियां आज भी प्रसिद्ध हैं। आचार्य चाणक्य के द्वारा कही गई बातें और नीतियों के जरिए कोई भी इंसान अपने जीवन के बेहतर बना सकता है। चाणक्य न... Read More

मनुष्य की कामयाबी में बाधा डालती हैं ये आदतें..

Updated on 22 January, 2023, 8:08
जिंदगी में कामयाबी का एकमात्र रास्ता कड़ी मेहनत ही है. लेकिन कई बार लोगों को उसमें भी नहीं सफलता मिलती है. जिसके कारण कई लोग निराश हो जाते हैं. आचार्य चाणक्य ने इसे लेकर चाणक्य नीति में बताया है कि मनुष्य में कई ऐसी खराब आदतें हैं, जो उन्हें कामयाब... Read More

आचार्य चाणक्य नीति: घर के मुखिया में होने चाहिए ये 5 गुण, परिवार रहेगा खुशहाल...

Updated on 20 January, 2023, 7:01
आचार्य चाणक्य नीति:  आचार्य चाणक्य एक प्रसिद्ध कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। इनकी कूटनीतिज्ञता के कारण ही चंद्रगुप्त ने सम्राट का ताज पहना। आचार्य  चाणक्य ने अर्थशास्त्र के अतिरिक्त नीतिशास्त्र की रचना की। आचार्य द्वारा रचित नीतिशास्त्र वर्तमान समय के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसमें... Read More

बसंत पंचमी पर करें मां सरस्वती के इन मंत्रों का जाप..

Updated on 19 January, 2023, 13:23
पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन मां सरस्वती का जन्म हुआ था। इसी के कारण इस दिन मां सरस्वती की विधिवत पूजा करने का विधान है। इसके साथ ही इस दिन से... Read More

जो हो रहा है उसके जिम्मेदार हम खुद हैं 

Updated on 17 January, 2023, 6:45
हम मनुष्यों की एक सामान्य सी आदत है कि दु?ख की घड़ी में विचलित हो उठते हैं और परिस्थितियों का कसूरवार भगवान को मान लेते हैं। भगवान को कोसते रहते हैं कि हे भगवान हमने आपका क्या बिगाड़ा जो हमें यह दिन देखना पड़ रहा है। गीता में श्री कृष्ण... Read More

मृत्यु की चिंता और चिंतन का महत्व

Updated on 2 January, 2023, 6:15
एक महात्मा अपने शिष्यों के साथ जंगल में आश्रम बनाकर रहते थे और उन्हें योगाभ्यास सिखाते थे। वह सत्संग भी करते थे। एक शिष्य चंचल बुद्धि का था। बार-बार गुरु से कहता आप कहां जंगल में पड़े हैं चलिए एक बार नगर की सैर करके आते हैं। महात्मा ने कहा... Read More

भगवान का अचिंत्य ऐश्वर्य

Updated on 1 January, 2023, 6:30
भगवान भौतिक जगत के पालन व निर्वाह के लिए प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी नहीं हैं। हम एटलस (एक रोमन देवता) को कंधों पर गोला उठाये देखते हैं। वह अत्यन्त थका लगता है और इस विशाल पृथ्वीलोक को धारण किये रहता है। हमें किसी ऐसे चित्र को मन में नहीं लाना... Read More

झांसी की रानी का सर्वोत्तम बलिदान

Updated on 11 December, 2022, 6:30
बात उन दिनों की जब अंग्रेजों के हमले से झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के लिए किले की दीवारें टूटने लगीं और लड़ाई के लिए गिन-टूटने लगीं और लड़ाई के लिए गिनेृ-चुने सैनिक की शेष रह गए थे। तब यह निश्चय किया गया कि रानी को अन्यत्र चले जाना चाहिए। पर... Read More

अहिंसा का स्वरूप 

Updated on 23 November, 2022, 6:00
सामान्यत: अहिंसा को निषेधार्थक माना जाता है। ‘न हिंसा -अहिंसा’- हिंसा का अभाव अहिंसा है, यह इसकी एकांगी परिभाषा है। इसको सर्वागीण रूप से परिभाषित करने के लिए इसके विधेयार्थ और निषेधार्थ दोनों को समझना जरूरी है। किसी प्राणी के प्राणों का वियोजन नहीं करना, इस सूत्र का हिंसा के... Read More

'सुख' के मोह माया में फंसे व्यक्ति को परमात्मा भी नहीं पाते बचा

Updated on 20 November, 2022, 7:00
सुख की मोह माया में फंसे व्यक्ति को परमात्मा भी नहीं बचा सकते। एक इंसान घने जंगल में भागा जा रहा था। शाम हो चुकी थी, इसलिए अंधेरे में उसे कुआं दिखाई नहीं पड़ा और वह उसमें गिर गया। गिरते-गिरते कुएं पर झुके पेड़ की एक डाल उसके हाथ में आ... Read More

मूल्य भावना का 

Updated on 19 November, 2022, 6:15
भगवान बुद्ध जेतवन में ठहरे हुए थे। हर सुबह वह भिक्षावृत्ति को निकलते तो उन्हें मार्ग में एक किसान अपने खेत में काम करता मिलता। अपने कार्य के प्रति उसकी निष्ठा देख बुद्ध के मन में उसके लिए करुणा उमड़ी। वह प्रतिदिन वहां रुककर उस किसान को कुछ उपदेश देने... Read More

चैतन्यता जरूरी 

Updated on 16 November, 2022, 6:45
स्मृति और विस्मृति दोनों संतुलन अपेक्षित हैं। कुछेक व्यक्तियों में विस्मृति की बड़ी मात्रा होती है। वह हमारी चेतना की स्थिति को बहुत स्पष्ट करता है। एक व्यंग्य है। दो बहनें मिलीं। एक स्त्री ने कहा, मेरा पति बहुत भुलक्कड़ है। एक दिन बाजार में गया सब्जी लाने के लिए।... Read More

संवेदनशील और सबल बनो 

Updated on 13 November, 2022, 6:00
सदाचार का तब तक पालन किए जाओ जब तक यह तुम्हारा स्वभाव न बन जाए। मित्रता, दया और ध्यान का अभ्यास जारी रखो। जब तक यह न समझ जाओ कि यह तुम्हारा स्वभाव है। जब कार्य स्वभावत: किया जाता है,तब तुम फल की लालसा नहीं रखते हो। सहजता से बस... Read More

सफलता का मार्ग 

Updated on 13 November, 2022, 6:00
संग्रह की वृत्ति बहिमरुखता का लक्षण है। साधक क्षणजीवी होता है। अतीत की स्मृति और भविष्य की चिंता वह करता है जो आत्मस्थ नहीं होता। वर्तमान में जीना आत्मस्थता का प्रतीक है। एक साधक कल की जरूरत को ध्यान में रखकर संग्रह नहीं करता, पर एक व्यवसायी सात पीढ़ियों के... Read More

मन में होना चाहिए सेवा का भाव

Updated on 11 November, 2022, 6:45
एक समय की बात है, कागावा नामक एक युवक जापान में रहता था। उसने अपनी पढ़ाई समाप्त करने के पश्चात जरूरतमंद जापानी लोगों व वहां के दीन-दुखियों की सेवा करने लगा। सेवा करते-करते उसे अपने कार्यों में इतना आनंद आने लगा कि उसने अन्य लोगों को भी इस सेवा कार्य में... Read More

विचारों की तरंगें

Updated on 9 November, 2022, 6:15
राजा की सवारी निकल रही थी। सर्वत्र जय-जयकार हो रही थी। सवारी बाजार के मध्य से गुजर रही थी। राजा की दृष्टि एक व्यापारी पर पड़ी। वह चन्दन का व्यापार करता था। राजा ने व्यापारी को देखा। मन में घृणा और ग्लानि उभर आई। उसने मन ही मन सोचा, 'यह... Read More

अज्ञान का आवरण

Updated on 8 November, 2022, 6:00
गुरू के पास डंडा था। उस डंडे में विशेषता थी कि उसे जिधर घुमाओ, उधर उस व्यक्ति की सारी खामियां दिखने लग जाएं। गुरू ने शिष्य को डंडा दे दिया। कोई भी आता, शिष्य डंडा उधर कर देता। सब कुरूप-ही-कुरूप सामने दीखते। अब भीतर में कौन कुरूप नहीं है? हर... Read More

जीवन जीने का सही मार्ग दिखाते हैं गुरु नानक देव के ये अनमोल वचन

Updated on 7 November, 2022, 6:45
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु नानक जी की जयंती मनाई जाती है।इस साल 8 नवंबर को गुरु नानक देव जी की जयंती है। गुरु नानक जी सिखों के पहले गुरु और सिख धर्म के संस्थापक हैं। सिख धर्म को मानने वालों के... Read More

सहन करना सीखें

Updated on 7 November, 2022, 6:15
व्यक्ति स्वयं ही बेचैनी का जीवन जीता है और अकारण ही जीवन में अनेक कष्टों को आमंत्रित कर लेता है। एक आदमी था। वह सदा प्रसन्न रहता था। एक दिन उसको उदास देखकर मित्र ने पूछा, मित्र! तुम सदा प्रसन्न रहते थे। तुम्हारी सारी अनुकूलताएं थीं। पर आज तुम बहुत... Read More

गहराई में जाएं

Updated on 4 November, 2022, 6:15
गुरू के पास तीन शिष्य आए, बोले, गुरूदेव! हम साधना करना चाहते हैं। कोई साधना का सूत्र बताएं। गुरू ने सोचा, साधना का सूत्र बताने से पहले परीक्षा कर ली जाए। गुरू ने तीनों से एक प्रश्न पूछा, आंख और कान में कितना अंतर है। पहला व्यक्ति बोला, चार अंगुल... Read More

स्वार्थ पर टिके रिश्तों की उम्र बड़ी छोटी होती है, पढ़ें इससे जुड़ी अनमोल सीख

Updated on 3 November, 2022, 6:15
आज कल की भाग दौड़ की जिंदगी में कई लोग मिलते जुलते रहते है। उस भीड़ में से कोई एक - दो ही इंसान होता है जो सच्चा मित्र बनता है। नहीं तो आज कल के समय में आधे से ज्यादा रिश्ते सिर्फ मतलब के रह गए है। आज के... Read More

विश्वास की ताकत

Updated on 2 November, 2022, 6:30
एक अंग्रेज अफसर अपनी नवविवाहिता पत्नी के साथ जहाज में सवार होकर सफर पर निकला। रास्ते में समुद्र में जोर का तूफान आया। मुसाफिर घबरा उठे। पर वह अंग्रेज अफसर जरा भी नहीं घबराया। उसकी पत्नी भी व्याकुल हो गई थी। उसने अपने पति से पूछा-इतना खतरनाक तूफान आया है।... Read More

महात्मा बुद्ध का सबसे बड़ा उपदेश!

Updated on 1 November, 2022, 6:45
एक दिन महात्मा बुद्ध के शिष्यों का एक समूह घूम-घूमकर उनके उपदेशों का प्रचार कर रहा था कि मार्ग में भूख से तड़पता एक भिखारी दिखाई दिया। उसे देखकर बुद्ध के एक शिष्य ने उसके पास जाकर कहा, ''अरे मूर्ख! इस तरह क्यों तड़प रहा है? तुझे पता नहीं कि तेरे नगर... Read More