बिलासपुर: रतनपुर के मातृका नर्सिंग होम में बच्चेदानी के ऑपरेशन के दौरान एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। परिजनों द्वारा इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाए जाने के बाद विभाग ने संबंधित गायनाकोलॉजिस्ट समेत दो डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टरों का जवाब मिलते ही एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

सरकारी डॉक्टर ने अपने निजी अस्पताल में बुलाया था

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पोड़ी नवागांव की रहने वाली 50 वर्षीय कुमारी बाई साहू को बच्चेदानी में समस्या थी। परिजन उन्हें इलाज के लिए पहले रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर गए थे। परिजनों का आरोप है कि वहां पदस्थ डॉक्टर नेहल झा ने महिला की जांच की और ऑपरेशन की जरूरत बताते हुए उन्हें 6 जून को अपने निजी अस्पताल 'मातृका नर्सिंग होम' में बुला लिया।

ऑपरेशन के एक घंटे बाद बिगड़ी तबीयत, सिम्स रैफर करने पर रास्ते में मौत

तय समय के मुताबिक, परिजन शनिवार सुबह महिला को नर्सिंग होम लेकर पहुंचे, जहां दोपहर के वक्त उनका ऑपरेशन शुरू किया गया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन थियेटर में ले जाने के करीब एक घंटे बाद डॉक्टर ने अचानक बाहर आकर बताया कि महिला का ब्लड प्रेशर (बीपी) बेहद कम हो गया है और उन्हें तुरंत बिलासपुर के सिम्स (CIMS) अस्पताल ले जाना पड़ेगा। इसके बाद आनंद-फानन में एक निजी एंबुलेंस से महिला को सिम्स भेजा गया।

परिजनों का आरोप है कि जब वे महिला को लेकर सिम्स पहुंचे, तो वहां के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का यह भी कहना है कि जल्दबाजी में उन्हें रैफरल से जुड़ा कोई भी दस्तावेज या मेडिकल पर्चा नहीं दिया गया, जिससे डॉक्टर की नीयत पर सवाल उठते हैं।

परिजनों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत, पुलिस ने जब्त किए सीसीटीवी फुटेज

महिला की मौत से गुस्साए परिजन शव को वापस लेकर रतनपुर पहुंचे और स्थानीय थाने में डॉक्टर के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक इलाज करने का मामला दर्ज कराया। निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर परिजनों ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की अपील की थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रतनपुर पुलिस ने नर्सिंग होम के सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।