विगत दिनों राजगढ़ नगर के वरिष्ठ लेखक एवं साहित्यकार बृजमोहन गौड़ को, अक्षरवार्ता एवं कृष्ण-बसंती अंतरर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा  उनके साहित्य में अप्रतिम योगदान के लिए इंडोनेशिया के बाली हिन्दू विश्वविद्यालय में *अवगत अवार्ड 2025* प्रदान किया गया एवं श्री गौड़ द्वारा लिखित लघुकथाओं की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

 द हिन्दू वि.वि.बाली के वाइस डायरेक्टर डाॅ.आई.मेडे डियान सुपुत्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि इंडोनेशिया की संस्कृति भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण रामायण है। हिन्दू आबादी बहुल बाली की कई परम्पराएं व पौराणिक कथाएं भारतीय संस्कृति से मेल खाती हैं। अक्षरवार्ता एवं कृष्ण बसंती अंतरर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका के सम्पादक डाॅ.मोहन बैरागी ने कहा की वैश्वीकरण के इस दौर में विभिन्न संस्कृतियों के आपसी मेल से एक नए भविष्य का निर्माण होगावश। भारत व इंडोनेशिया के सांस्कृतिक सम्बन्ध ऐतिहासिक रूप से प्रगाढ़ रहे हैं। इंडोनेशियाई परम्परा में भारतीय संस्कृति के गहरे अंश मिलते हैं।

भारत के इस साहित्यिक प्रतिनिधि मण्डल ने इंडोनेशिया एवं मलेशिया की यात्रा के दौरान वहां की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नजदीक से जाना,अध्ययन किया। छोटी-छोटी कड़ियां भविष्य में बड़े सुखद परिणामों का आधार साबित होगी।

इस अवसर पर भारत के विभिन्न प्रांतों के शिक्षाविद/साहित्यकारों सहित अन्य बाली हिन्दू विश्वविद्यालय के डाॅ.आई.गस्टी नुगराह, डाॅ.आई.केटुट आर्टा विडाना, डाॅ.सुश्री हेण्ड्रावथी पुत्री इत्यादि उपस्थित रहे।

       श्री बृजमोहन गौड़ पूर्व में भी नेपाल, दुबई व अन्य देशों की हिन्दी संस्थाओं से सम्मानित व पुरस्कृत हो चुके। स्थानीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा उनकी इस अंतरर्राष्ट्रीय उपलब्धि पर बधाईयां दी गई।