भोपाल। छिंदवाड़ा मे जहरीले कफ सिरप से मासूम बच्चों की मौत के मामले ने मध्यप्रदेश सरकार को हिला कर रख दिया है। इस गंभीर प्रकरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को छिंदवाड़ा पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की। सीएम ने औषधि प्रशासन विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही आईएएस ड्रग कंट्रोलर को भी पद से हटा दिया है।

मुख्यमंत्री ने शोभित कोष्टा (उप औषधि नियंत्रक एवं नियंत्रण प्राधिकारी, औषधि प्रशासन भोपाल), शरद जैन (औषधि निरीक्षक, जबलपुर) और गौरव शर्मा (औषधि निरीक्षक, छिंदवाड़ा) को निलंबित किया है। साथ ही, ड्रग कंट्रोलर आईएएस अधिकारी दिनेश मौर्य को भी उनके पद से हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ज्ञात हो कि छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप पीने से अब तक 14 बच्चों की किडनी फेल होने के बाद मौत हो चुकी है। तमिलनाडु की एक फैक्ट्री में बना यह कफ सिरप अमानक गुणवत्ता का पाया गया। घटना सामने आने के बाद से ही विपक्ष लगातार प्रदेश सरकार और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगा रहा था। करीब 15 दिन बाद मुख्यमंत्री ने खुद घटनास्थल पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और पीड़ित परिवारों से संवेदना जताई।

मुख्यमंत्री ने कहा, “कफ सिरप के कारण जिन बच्चों की दुखद मृत्यु हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है। मैंने तत्काल प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ड्रग कंट्रोलर को हटाया गया है, डिप्टी ड्रग कंट्रोलर और संबंधित ड्रग इंस्पेक्टरों को निलंबित किया गया है। तमिलनाडु की फैक्ट्री जहां यह सिरप बना था, उसे भी बंद कराया गया है और वहां की सरकार ने उत्पादों पर रोक लगाई है।”

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेशभर में अब सभी दवाओं की रेंडम जांच होगी, चाहे वे किसी भी राज्य की कंपनी की हों। सभी औषधि अधिकारियों को सतर्क रहने और गुणवत्ता जांच को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि जो बच्चे अभी इलाजरत हैं, उनका पूरा उपचार सरकार अपने खर्च पर कराएगी।

सीएम यादव ने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी।