*राजगढ़ 25 दिसम्बर, 2025* 

      सुशासन के प्रणेता, राष्ट्रनिष्ठ विचारक, ओजस्वी वक्ता एवं पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के पावन अवसर पर ब्यावरा नगर को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण सौगात प्राप्त हुई। नगर के प्रमुख पीपल चौराहे पर अटल जी की भव्य प्रतिमा का विधिवत अनावरण प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग श्री नारायण सिंह पंवार एवं सांसद श्री रोडमल नागर द्वारा पूर्ण विधि-विधान के साथ किया गया।

     इस अवसर पर नगर के विकास और स्मृति-संरक्षण की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। अब ब्यावरा नगर का प्रमुख राजगढ़ रोड, देश के महान नेता की स्मृति में ‘अटल बिहारी वाजपेयी मार्ग’ के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय नगर के इतिहास में एक नई पहचान और गौरव का अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री  पंवार ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, संस्कृति और राष्ट्रसेवा की जीवंत मिसाल थे। वे भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरुष थे, जिनकी स्वीकार्यता सभी दलों और विचारधाराओं में समान रूप से रही। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राजनीति को संघर्ष नहीं, संवाद का माध्यम बनाया। वे कठोर निर्णय लेने में भी पीछे नहीं हटे। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर आधारित रहा। “वे सत्ता के लिए नहीं, सिद्धांतों के लिए राजनीति में थे। प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी' 

    साथ ही उन्होंने कहा कि “हमारा ब्यावरा एक उभरता हुआ आधुनिक नगर है। पीपल चौराहे पर अटल जी की प्रतिमा की स्थापना से नगर को वैचारिक ऊर्जा और सांस्कृतिक पहचान मिलेगी। अटल जी के विचार आज भी हमें राष्ट्रहित में निर्णय लेने की प्रेरणा देते हैं।” अटल जी के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी राजनीति राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर आधारित थी। उन्होंने 1994 का उदाहरण देते हुए बताया कि कांग्रेस सरकार के समय, तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री पी.वी. नरसिम्हा राव ने विपक्ष के नेता होने के बावजूद अटल जी पर भरोसा जताया और उन्हें संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग, जेनेवा में भारत का पक्ष रखने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंपा।
“यह वह क्षण था, जब दल से ऊपर देश को रखा गया और अटल जी की राष्ट्रनिष्ठा पर सम्पूर्ण देश को गर्व हुआ,”।

     अटल जी के शुरुआती राजनीतिक जीवन का स्मरण करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर के मुद्दे पर जो अलख जगाई थी, अटल जी उनके उस संदेश को भारत के कोने-कोने तक पहुंचाने वाले प्रखर संवाहक बने। "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" के संकल्प को जन-जन की आवाज बनाने में अटल जी की भूमिका अद्वितीय थी।

*अटल जी के विचारों ने राजनीति को दिशा और समाज को विश्वास दिया” – सांसद श्री रोडमल नागर*

     सांसद श्री रोडमल नागर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल नेता नहीं, बल्कि विचारधारा और संवेदना का संगम थे। उन्होंने कहा कि “अटल जी ने अपने विचारों को जीवन में उतारकर दिखाया। उन्होंने सिखाया कि सत्ता में रहते हुए भी विनम्रता और जनसंवेदना कैसे बनाए रखी जाए।”

    इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती लीलादेवी कुशवाह, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री ज्ञान सिंह गुर्जर, पूर्व राज्यमंत्री श्री बद्रीलाल यादव, 
अनुविभागीय (राजस्व) अधिकारी ब्यावरा श्री गोविंद कुमार दुबे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ब्यावरा श्री इकरार अहमद सहित जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।