पतंगबाजी में उपयोग होने वाले चाईनीज (धारदार) माजे के निर्माण, भण्डार, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग पर प्रतिबंध*
*कुलदीप सिंगी बाबा
*राजगढ़ 07 जनवरी, 2026*
माह जनवरी में मनाये जाने मकर संकाति के पर्व पर लोक मान्यता एवं परम्परानुसार वृहद रूप से पतंगोत्सव का आयोजन के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से भी घर-घर पतंग उडाई जाती है। पतंग उडाने में प्रयोग में लाये जाने वाला माजा (धागा) अत्यंत धारदार (चाईनिज) होता है। पंतगबाजी में अनेक बार उक्त मांजा बिजली के खबों, वृक्षों एवं आम रास्तों पर उलझ जाता है। उलझा हुआ माजा दिखाई न देने के कारणवश अनेक अवसरों पर पशु-पक्षी हताहथ होने के साथ ही आमजन मानस को भी गंभीर शारारिक क्षति पहुंचती है। जिसको दृष्टिगत रखते हुए इस प्रकार किसी भी दुखद दुर्घटना से बचाव हेतु चाईनीज (धारदार) माजे की रोकथाम हेतु प्रतिबंधात्मक निर्देश जारी करने की आवश्यतकता है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए राजगढ़ की सम्पूर्ण राजस्व सीमा के भीतर पतंगबाजी में उपयोग होने वाले चाईनीज (धारदार) माजे के निर्माण, भण्डार, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग को प्रतिबंधित करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया हैं। आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के अत्तर्गत एक पक्षीय पारित किया गया है। उक्त आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 अंतर्गत वैद्यानिक / दाण्डिक कार्यवाही की जाएगी।
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