मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति का संदेश है*। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शिव दर्शन भवन खिलचीपुर के द्वारा मकर संक्रांति का त्योहार बड़े ही उमंग उत्साह के साथ मनाया गया।
*इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी नीलम बहन ने मकर संक्रांति का आध्यात्मिक अर्थ
बताया। यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है। जैसे सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर जाता है, वैसे ही आत्मा को भी देह-अभिमान से ऊपर उठकर आत्म-अभिमान की ओर जाना है। जब ज्ञान सूर्य परमात्मा शिव
जो स्वयं प्रकाशमान हैं और सभी आत्माओं का पिता है जब वह इस धरती पर आते हैं तब शांति, शक्ति और पवित्रता की किरणें देते हैं। तिल और गुड़ का भावार्थ है
आत्मा की मजबूती और सहनशीलता, गुड़ मीठे संस्कार और मधुर वाणी जीवन में कड़वाहट नहीं, मधुरता और प्रेम अपनाने का प्रतीक है।दान का रहस्य
दान केवल वस्तुओं का नहीं, बल्कि
शांति, प्रेम,सहयोग का भी करना चाहिए। पतंग उड़ाना – ऊँचे संकल्पों का संकेत पतंग जितनी ऊँची उड़ती है, उतना संदेश मिलता है कि मन को भी ऊँचे, पवित्र और सकारात्मक संकल्पों में स्थिर रखना, शुद्ध संकल्प जीवन को पतंग सा हल्का बना देते है और आत्मा आनंद की ऊंचाइयों पर उड़ जाती है। इस अवसर पर बैंक रिटायर्ड मुरली मालाकार जी रामबाबू जी मालाकार एवं संस्था से जुड़े भाई बहनें उपस्थित रहे साथ में बचपन को याद करते हुए गिल्ली डंडे भी खेले, तिल गुड़ की लड्डू खिलाकर सभी का मुख मीठा कराया गया।
चारधाम यात्रा अपडेट: मद्महेश्वर-तुंगनाथ के कपाट खुलने की तारीख कल घोषित, डीएम की निगरानी में होंगे अनुष्ठान
9 साल से खाली पद पर विपक्ष आक्रामक, सरकार से जवाब तलब
Kedarnath Yatra 2026 की तैयारियां तेज, धाम में अधिकारियों ने किया निरीक्षण
*संभावित बाल विवाह को रोकने के लिए विकासखंड स्तर पर उड़ानदस्तों का गठन* कुलदीप सिंगी बाबा जिला ब्योरो चिफ
नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण में होगा क्रांतिकारी कदम --- डॉ दिव्या गुप्ता
राजनीतिक विवाद बढ़ा, राहुल गांधी के बयान ने मचाया सियासी तूफान
नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तैयारी तेज, 15 को बिहार में बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम संभव
फरमान खान केस में बड़ा अपडेट, कोर्ट ने राहत दी
नियम तोड़ने पर नहीं मिली छूट, पुलिसवालों पर भी कार्रवाई