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  राजगढ़, 15 जनवरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय शिव वरदान भवन राजगढ़ में संक्रांति का पर्व धुमधाम से मनाया गया। पतंग के माध्यम से आनंद, प्रेम, खुशी व सहनशील जैसे दिव्य गुणों को धारण करने का संदेश दिया । ब्रह्माकुमारी मधु दीदी ने कहा कि पतंग की तरह हमें भी मर्यादा की डोर में बंद कर अपनी मंजिल को प्राप्त करना है ,पतंग को ऊंचा उड़ानें के लिए कहीं-कहीं डील देनी पड़ती है तो कहीं खींचना पड़ता है इसी प्रकार से जीवन में कुछ परिस्थितियों ,कुछ बातों को लेटगो कर हम भी ऊंचाइयों को छू सकते।
    ब्रह्माकुमारी दीपिका दीदी ने संक्रांति का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए कहां कि जिस संक्रांति में सूर्य कर्क रेखा से मकर रेखा में प्रवेश करता है, उसी प्रकार कलयुग के अंत में ज्ञान सूर्य परमात्मा हम आत्माओं के संस्कारों में परिवर्तन कर हमें कलयुग से सतयुग में ले जाते हैं। इस दिन विशेष तिल और गुड़ के लड्डू बनाते हैं , तिल का आकार जिस प्रकार बहुत सूक्ष्म अथवा छोटा होता है  उसी प्रकार आत्मा भी अति सूक्ष्म हैं, जब आत्मा भी गुड़ समान अपने स्वभाव संस्कारों को मीठा बनाती है तो सबके साथ उसका प्रेम पूर्ण व्यवहार उसे एकता के सूत्र में सहज ही पिरोकर रखता है। जिससे उसका जीवन सुख शांति से भरपूर बन जाता है। आत्मा का शुद्धिकरण कर संस्कारों में परिवर्तन लाने का पर्व यह संक्रांति है।
 कार्यक्रम में समाजसेवी प्रताप सिंह सिसोदिया, रिटायर्ड एसडीओ आरसी शर्मा,रिटायर्ड बैंक मैनेजर शिव नारायण नामदेव, पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर दीपक मोची, सत्यनारायण सोनी सहित बड़ी संख्या में संस्था से जुड़े भाई-बहनें उपस्थित रहे। अंत में सभी का मुख्य मीठा कराया एवं पतंग उड़ाई।