*राजगढ़ 04 जून, 2026* 

      भोपाल संभाग के आयुक्त श्री संजीव सिंह ने राजगढ़ जिले के भ्रमण के दौरान नरसिंहगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम मानपिछोड़ी एवं ग्राम चैनपुरा का दौरा कर जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान ज्‍वाइन डायरेक्‍टर एग्रीकल्‍चर श्रीमती सुमन प्रसाद, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ग्राम मानपिछोड़ी में आयुक्त श्री सिंह ने खेत तालाब, निर्माणाधीन ग्राम पंचायत भवन तथा रिचार्ज शाफ्ट का अवलोकन किया। उन्होंने जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेत तालाब निर्माण एवं संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए ऐसे प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही निर्माणाधीन ग्राम पंचायत भवन के कार्यों का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

इसके पश्चात आयुक्त श्री सिंह ने ग्राम चैनपुरा पहुंचकर जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे नवाचारों एवं जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने कंटूर ट्रेंच, मैजिक पिट, डगवेल रिचार्ज तथा निर्माणाधीन रिचार्ज शाफ्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्रे वाटर यूटिलाइजेशन मॉडल एवं प्रत्येक घर के पीछे स्थापित रिचार्ज शाफ्ट यूनिट की संरचना एवं लागत की जानकारी भी प्राप्त की। आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि वर्षा जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के ऐसे प्रयास भविष्य में जल संकट के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी पहल बताया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि ग्राम चैनपुरा में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के उद्देश्य से 200 रिचार्ज शाफ्ट निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए गांव में खराब पड़े हैंडपंपों की लोकेशन चिन्हित की जा रही है तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) से सूची प्राप्त कर इन स्थानों पर रिचार्ज शाफ्ट निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव होगा तथा भूजल स्तर में सुधार के साथ भविष्य में पेयजल संकट की संभावनाएं भी कम होंगी। संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने ग्राम चैनपुरा में शासकीय भूमि पर ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित रिचार्ज शाफ्ट का भी निरीक्षण किया और प्रस्तुत कार्ययोजना एवं तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे जल संरक्षण के क्षेत्र में अनुकरणीय पहल बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्‍होंने नरसिंहगढ़ के जामुनिया में किसानों को ई टोकन के बारे में जानकारी दी साथ ही बलराम ऐप के बारे में भी बताया।

 *मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजनाओं का कमिश्नर ने किया निरीक्षण* 

कमिश्नर श्री संजीव सिंह ने खरना गांव पहुंचकर मोहनपुरा सिंचाई परियोजना के पंप हाउस, प्रेशर सिस्टम, सोलर कनेक्शन पैनल तथा किसानों के बीच जल वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने किसानों से चर्चा कर सिंचाई जल वितरण की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान मोहनपुरा परियोजना के चार भागों तथा कुंडालिया परियोजना के तीन भागों की प्रगति एवं संचालन संबंधी जानकारी भी अधिकारियों से ली गई। कमिश्नर श्री सिंह ने परियोजनाओं के प्रभावी संचालन एवं किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने एवं किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कहा।

 *पत्थरगढ़ से समृद्धि तक मोहनपुरा-कुंडालिया परियोजना की प्रेरक गाथा* 

मोहनपुरा-कुंडालिया परियोजना की कहानी पर परियोजना प्रभारी श्री रजौरिया द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि परंपरागत नहर आधारित सिंचाई व्यवस्था से दबावयुक्त सिंचाई प्रणाली की ओर संक्रमण एक बड़ी चुनौती थी, जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि यह परियोजना लिफ्ट सिंचाई प्रणाली एवं व्यापक पाइप्ड सिंचाई नेटवर्क पर आधारित है। मोहनपुरा मॉडल में जलाशय से सीधे खेत तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें खुली नहरों का उपयोग नहीं किया जाता। इसके स्थान पर पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से किसानों को खेत स्तर पर जल उपलब्ध कराया जाता है।

 *कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की गतिविधियों की भी समीक्षा की* 

परियोजना के अंतर्गत नेवज एवं कालीसिंध नदियों पर बांध निर्माण कर जल का संचयन किया गया तथा आधुनिक पंपिंग एवं वितरण प्रणाली के माध्यम से जल को कमांड क्षेत्र तक पहुंचाया गया। इस मॉडल से जल हानि में कमी आई है, सिंचाई दक्षता बढ़ी है तथा जल के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित किया गया है।  श्री रजौरिया ने बताया कि समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम ने लगभग पाँच वर्षों के अथक प्रयासों से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूर्ण किया। आज मोहनपुरा- कुंडालिया परियोजना जल संरक्षण, आधुनिक सिंचाई तकनीक और कृषि उत्पादकता वृद्धि का एक सफल उदाहरण बनकर उभरी है, जो किसानों की समृद्धि और क्षेत्र के सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। संभाग आयुक्‍त श्री संजीव सिंह ने मोहनपुरा पम्‍प हाऊस पर कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग की भी समीक्षा की।

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