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 *राजगढ़ 18 जुलाई, 2026* 

        श्रीमती अंजू योगेंद्र सिंह तोमर ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।राजगढ़ जिले के समीप स्थित ग्राम खैरासी की निवासी श्रीमती अंजू ने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने गांव में रहकर, घर-परिवार और चूल्हा-चौका जैसी दैनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए स्वयं के माध्यम से तैयारी की। अतिथि शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ उन्होंने प्रतिदिन 5–6 घंटे नियमित अध्ययन किया और अपनी मेहनत व लगन के बल पर मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त की।

      उन्होंने बताया कि शादी के बाद ससुराल से उन्हें भरपूर सहयोग और प्रोत्साहन मिला, जिसने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया। उनका मानना है कि यदि परिवार का साथ और स्वयं का दृढ़ निश्चय हो, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता। समाज की बेटियों और युवतियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा, "शादी पढ़ाई में कभी रोड़ा नहीं होती। यदि आपका संकल्प मजबूत है और आप निरंतर मेहनत करती हैं, तो सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।"
उनकी यह उपलब्धि उन सभी युवाओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और महिलाओं, के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती हैं। हार नहीं, सिर्फ मेहनत मायने रखती है। सपने उन्हीं के सच होते हैं, जो हर परिस्थिति में निरंतर प्रयास करना नहीं छोड़ते।