कार्यक्रम की शुरुआत  मां सरस्वती के चित्र पर माल्याअर्पण कर  की गई।  संस्था के प्रभारी श्री रामबाबू पुष्पद एवं भगवान सिंह राणावत द्वारा अतिथि का स्वागत फूल माला से किया गया। हाड़ा जी ने अपने उद्बोधन में बच्चों को अपने भविष्य को किस प्रकार सवारते हुए तैयार करना है पर समझाया और नियमित स्कूल आने एवं मन लगाकर पढ़ने की सलाह दी गई।उन्होंने बच्चों को बताया कि दुनिया में हर चीज बांटी जा सकती है परंतु हमारा ज्ञान ही है जिसे कोई न बांट सकता है न छीन सकता है। संस्था के प्रबंधन और छात्र-छात्राओं के अनुशासन की भी प्रशंसा की गई । अंत मे उपस्थित सभी छात्र छात्राओं को रोमांचक कहानियो,कविता की पुस्तकें और पेन भेंट किये गए उपहार पाकर बच्चे प्रसन्न हुए। अंत में आभार शिक्षक भगवान सिंह राणावत द्वारा प्रकट किया गया।*