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 *राजगढ़ 30 अप्रैल, 2026* 

मानवता की मिसाल पेश करते हुए जिला चिकित्सालय राजगढ़ ने एक निराश्रित वृद्ध को न केवल जीवनदान दिया, बल्कि उसके सुरक्षित भविष्य की भी व्यवस्था सुनिश्चित की। 77 वर्षीय श्यामलाल पिता उंकारलाल निवासी सुठालिया को लगभग दो माह पूर्व गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निरंतर उपचार और देखभाल के बाद स्वस्थ होने पर उन्हें उज्जैन स्थित सेवाधाम आश्रम भेजा गया। प्राप्‍त जानकारी के अनुसार श्यामलाल के पैर में गंभीर घाव था, जिसके चलते उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई थी। जिला चिकित्सालय के सर्जिकल वार्ड में पदस्थ चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ ने समर्पण भाव से लगातार दो माह तक उनका उपचार किया। इलाज के बाद उनकी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

चूंकि श्यामलाल का कोई परिजन नहीं है, ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके पुनर्वास और देखभाल की व्यवस्था करने का निर्णय लिया। इस संबंध में अनुविभागीय (राजस्‍व) अधिकारी राजगढ़ श्रीमती निधि भारद्वाज की अनुशंसा के बाद उन्हें उज्जैन के अंबोदिया स्थित सेवाधाम आश्रम भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। मंगलवार शाम 108 एंबुलेंस के माध्यम से चिकित्सकीय निगरानी में उन्हें सुरक्षित उज्जैन रवाना किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार जिन मरीजों के परिजन नहीं होते, उनके लिए उपचार के साथ-साथ पुनर्वास की व्यवस्था करना भी सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सेवाधाम आश्रम में श्यामलाल को भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी।

सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. रजनीश शर्मा ने बताया कि अनुविभागीय (राजस्‍व) अधिकारी राजगढ़ श्रीमती भारद्वाज सर्जिकल वार्ड के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के सहयोग से यह मानवीय कार्य संभव हो पाया। उन्होंने श्यामलाल के स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की कामना करते हुए कहा कि आगे भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए अस्पताल सदैव तत्पर रहेगा।

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