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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शिव दर्शन भवन काका कॉलोनी खिलचीपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी ने वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण मानव  जीवन का आधारशिला है। शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, उपजाऊ भूमि, पेड़-पौधे और जीव-जंतु सभी पर्यावरण का ही हिस्सा हैं। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। लेकिन आज बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई, प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँच रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह संदेश देता है कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए, जल की बचत करनी चाहिए, प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए। छोटी-छोटी आदतें भी बड़े परिवर्तन ला सकती हैं।
बाहरी पर्यावरण की शुद्धता के साथ-साथ मन और विचारों की शुद्धता भी आवश्यक है। जब हमारे विचार सकारात्मक और शांत होंगे, तब हम प्रकृति के प्रति भी संवेदनशील बनेंगे और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकेंगे।
आइए, हम सभी आज यह संकल्प लें कि "एक व्यक्ति – एक पौधा" अभियान को अपनाएँगे, प्रकृति का सम्मान करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरा-भरा और स्वस्थ वातावरण छोड़कर जाएँगे। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी मधु प्रेम जी मालाकार, श्याम जी दांगी, गणपत लाल जी पिपलोटिया, बलवंत पिपलोटिया, राजेंद्र टेलर, पूनमचंद जी। संस्था से जुड़े भाई बहनें उपस्थित रहे।