*सड़क दुर्घटना में घायल 6 वर्षीय हरिओम के इलाज की शुरू हुई प्रक्रिया* *एम्स भोपाल में होगा चरणबद्ध ऑपरेशन*
कुलदीप सिंगी बाबा
*राजगढ़ 11 मार्च, 2026*
कालीपीठ थाना अंतर्गत ग्राम भवानीपुरा निवासी 6 वर्षीय हरिओम तंवर के इलाज की दिशा में अब उम्मीद की किरण दिखाई दी है। सड़क दुर्घटना में हुए गंभीर फ्रेक्चर के कारण हरिओम का दाहिना पैर प्रभावित हो गया था, जिससे उसका पैर कमजोर होने के साथ ही छोटा भी हो गया था। अब भोपाल स्थित एम्स अस्पताल में उसके जटिल ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो अगले तीन वर्षों तक चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जब हरिओम एक वर्ष का था, तब वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। दुर्घटना में उसके दाहिने पैर की जांघ की हड्डी में फ्रेक्चर हो गई थी। उस समय परिजनों ने ध्यान नहीं दिया और समय पर उचित इलाज नहीं हो सका। कुछ समय बाद माता-पिता ने देखा कि बच्चा दाहिने पैर पर ठीक से वजन नहीं डाल पा रहा है। साथ ही उसके पैर में पतलापन आने लगा और धीरे-धीरे उसका दाहिना पैर बाएं पैर की तुलना में लगभग आधा फीट छोटा हो गया। बच्चे की यह स्थिति देखकर परिजन काफी घबरा गए और उसे डॉक्टरों को दिखाया। जांच के दौरान पता चला कि बच्चे को गंभीर चोट आई है। इलाज के लिए परिजन उसे इंदौर के बॉम्बे अस्पताल भी लेकर गए, लेकिन वहां से उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
मामले में परिजन मदद की गुहार लगाने कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के समक्ष जनसुनवाई में पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने तुरंत सिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा को बच्चे के इलाज के लिए हर संभव सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशासन की ओर से परिवार को 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता रेडक्रॉस के माध्यम से प्रदान की गई।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा की पहल पर 6 जनवरी को जिला अस्पताल के सेवानिवृत्त श्री विहारी बाबू द्वारा शासकीय वाहन से हरिओम को भोपाल स्थित एम्स अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया। जहां सभी आवश्यक जांच के बाद 5 मार्च को हरिओम को एम्स अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. बारीक मेहरा के मार्गदर्शन में 9 मार्च को हरिओम के ऑपरेशन का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उल्लेखनीय है कि बच्चे को सामान्य स्थिति में लाने के लिए कुल पांच चरणों में ऑपरेशन किया जाएगा। यह उपचार प्रक्रिया तीन वर्षों तक चलेगी, जिसमें एम्स अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास गुप्ता का पूरा सहयोग मिल रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा ने बताया कि बच्चे के उपचार में इलिज़ारोव नामक विशेष तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जो हड्डियों की जटिल समस्याओं को ठीक करने के लिए अपनाई जाती है। इस तकनीक से धीरे-धीरे पैर की हड्डी को सीधा और लंबा किया जाता है। खास बात यह है कि एम्स भोपाल में हरिओम का पूरा इलाज निःशुल्क किया जा रहा है। प्रशासन की पहल से अब परिजनों को उम्मीद है कि आने वाले समय में हरिओम सामान्य बच्चों की तरह चल-फिर सकेगा।
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