राजगढ़। संगठनात्मक संतुलन और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार लंबे इंतज़ार के बाद राजगढ़ जिले के दो महत्वपूर्ण मंडलों पर नेतृत्व की घोषणा कर दी है। करीब एक वर्ष तक चली मंथन प्रक्रिया के बाद राजगढ़ मंडल की कमान सचिन मौर्य को और करेड़ी मंडल का दायित्व लाल सिंह चौहान को सौंपा गया है।
यह निर्णय केवल नियुक्ति भर नहीं, बल्कि संगठन के भीतर सक्रिय, समर्पित और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का संकेत माना जा रहा है। पिछले वर्ष जब अन्य मंडलों के अध्यक्षों की घोषणा की गई थी, तब राजगढ़ और करेड़ी मंडल का फैसला लंबित रखा गया था। इन दोनों क्षेत्रों को संगठन ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए गहन विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम सहमति बनाई।
सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ पदाधिकारियों की अनुशंसा और प्रदेश नेतृत्व की सहमति के बाद जारी की गई सूची में ऐसे चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है, जिनकी कार्यशैली संगठन विस्तार और बूथ स्तर की मजबूती में प्रभावी मानी जाती है।
राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव ने दोनों नवनियुक्त मंडल अध्यक्षों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन की असली ताकत कार्यकर्ता होते हैं और मंडल अध्यक्ष की भूमिका बूथ स्तर तक ऊर्जा पहुंचाने में निर्णायक होती है। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर ने इसे संगठन विस्तार की दिशा में सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि पार्टी समर्पित कार्यकर्ताओं को नेतृत्व का अवसर देकर संगठन को निरंतर मजबूत कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आगामी चुनावी परिदृश्य को देखते हुए यह नियुक्ति भाजपा की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। संगठन को नई ऊर्जा, समन्वय और विस्तार देने की जिम्मेदारी अब इन दोनों मंडल अध्यक्षों के कंधों पर है, जिससे जिले में पार्टी की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।