जबलपुर में पेट्रोल ट्रेन में लगी भीषण आग, 14 हजार लोग घर छोड़ने को मजबूर
जबलपुर जिले के भिटोनी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार देर शाम एक बड़ा हादसा टल गया, जब पेट्रोलियम उत्पाद लेकर जा रही एक मालगाड़ी की बोगी में भीषण आग लग गई. बीपीसीएल डिपो से डीजल-पेट्रोल भरकर निकली इस ट्रेन के बोगी नंबर-2468 में आग बोगी के नीचे स्थित मेन कप्लर में लीक के कारण लगी. घटना रात करीब 8:45 बजे की है, जब शहपुरा के दो स्थानीय लड़कों ने बोगी से उठती लपटें देखीं और तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर और पुलिस को दी.
पेट्रोल से भरी लगभग 50 बोगियों वाली इस ट्रेन की 4-5 बोगियों से लगातार भीषण लपटें उठने लगीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया. लोग घरों से बाहर निकल आए, कई परिवार अपने घर खाली कर 20 किलोमीटर दूर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए. पुलिस, आरपीएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और इलाके को घेर लिया. सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाकों को खाली कराया गया और लोगों को स्टेशन से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई.
शहपुरा और आसपास के फायर ब्रिगेड कर्मियों के साथ भारत पेट्रोलियम और आयुष कंपनी के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया. 10 दमकलों और फोम के उपयोग से करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया गया. यदि आग समय पर नहीं बुझाई जाती तो यह एक भयावह हादसा बन सकता था, जिससे 20 किलोमीटर तक का क्षेत्र प्रभावित हो सकता था.
प्रत्यक्षदर्शी वीरू रजक ने बताया कि वह स्टेशन पर चाय पीने आया था, तभी उसने बोगी से उठती लपटें देखीं. वीरू ने तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचना दी, जिससे स्टेशन को खाली करवा लिया गया. वीरू ने यह भी बताया कि यहां वैगनों से पेट्रोल-डीजल की चोरी आम बात है, जिससे इस तरह की घटनाएं बार-बार घटित हो रही हैं.
हादसे की जांच में जुटी जबलपुर पुलिस
SDOP पाटन लोकेश डावर ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि आग की सूचना मिलते ही दमकल टीमों को रवाना कर दिया गया था. रेलवे, स्थानीय प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनी के संयुक्त प्रयास से बड़ा हादसा टल गया. फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
वर्तमान में नरसिंहपुर और कटनी की ओर जाने वाली ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. रेलवे ट्रैक की जांच जारी है और स्थिति सामान्य करने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है. राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
घर छोड़कर भाग गए लोग
50 बैगन थे, जिसमें 70 हजार लीटर तेल था. स्थानीय निवासी मोनू जायसवाल ने बताया कि करीब 14,000 लोगों की यहां आबादी है. लोग अपने परिवार को लेकर यहां से दूर भाग गए. घटना को देखते हुए पूरा इलाका खाली हो गया. बताया जाता है कि डीजल-पेट्रोल चोरी होने की घटना आए दिन होती रहती है, जिस कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं.
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