महिंद्रा कर रही है एसएमएल इसुजु लिमिटेड का टेकओवर, हिस्सेदारी खरीदने का किया ऐलान
नई दिल्ली। महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने एसएमएल इसुजु लिमिटेड में 58.96 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। महिंद्रा एंड महिंद्रा इस डील के तहत 650 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से कुल 555 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अतिरिक्त, महिंद्रा एंड महिंद्रा, सेबी के नियमों के अनुसार, टेकओवर के लिए ओपन ऑफर भी लाएगी। यह जानकारी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने शनिवार को साझा की है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसएमएल इसुजु लिमिटेड के प्रमोटर सुमितोमो कॉर्पोरेशन से 43.96 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी, जबकि 15 प्रतिशत हिस्सेदारी कंपनी के सार्वजनिक शेयरधारकों से खरीदी जाएगी। इसके बाद, महिंद्रा को 26 प्रतिशत और हिस्सा खरीदने के लिए ओपन ऑफर लाना होगा, जो सेबी के नियमों के अनुसार आवश्यक है।
यह अधिग्रहण महिंद्रा एंड महिंद्रा की 3.5 टन कॉमर्शियल सेगमेंट में स्थिति को और मजबूत करेगा। वर्तमान में महिंद्रा का इस सेगमेंट में 3 प्रतिशत हिस्सा है। 3.5 टन एलसीवी (लाइट कॉमर्सियल व्हीकल) सेगमेंट में महिंद्रा की हिस्सेदारी 52 प्रतिशत है, और इस अधिग्रहण के बाद उनका मार्केट शेयर 6 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा।
एसएमएल इसुजु लिमिटेड एक स्थापित और लोकप्रिय ब्रांड है और भारत भर में इसकी मजबूत पकड़ बनी हुई है। कंपनी आइएलसीवी (इंटरमीडिएट एंड लाइट कॉमर्सियल व्हीकल) सेगमेंट में प्रमुख खिलाड़ी है और बस सेगमेंट में इसका 16 प्रतिशत का बाजार हिस्सा है। वित्त वर्ष 2024 में, एसएमएल इसुजु लिमिटेड का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 2,196 करोड़ रुपये था, जबकि इसका इबीआईटीडीए 179 करोड़ रुपये रहा था।
यह अधिग्रहण महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उसकी कॉमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में स्थिति को और मजबूत करेगा। महिंद्रा का यह कदम भारतीय ऑटोमोटिव बाजार में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाने और अपनी प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हो सकता है।
भारत-UAE संबंधों में नया अध्याय, निवेश और रक्षा सहयोग पर सहमति
सोना और चांदी में तेजी से गिरावट, निवेशकों की नजर रेट पर
विवाद के बाद क्रिकेट समुदाय में अनुशासन को लेकर चर्चा तेज
अश्लील वीडियो के नाम पर डॉक्टर से वसूली की कोशिश, हनीट्रैप का मामला
बारूद की गूंज से सहमे ग्रामीण, मुरैना में बड़े हादसे की आशंका
अबू धाबी में पीएम मोदी का शाही स्वागत, राष्ट्रपति नाहयान ने किया रिसीव
बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में कमजोर प्रदर्शन पर उठे सवाल
ताइवान ने कहा- चीन की नीतियां ही क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण
कांग्रेस के भीतर मंथन का असर, राहुल गांधी के बदले रुख पर चर्चा तेज
जीत के बाद बुमराह ने दो खिलाड़ियों को बताया मैच का असली हीरो