विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम मोदी ने लगाया 'सिंदूर का पौधा', दिया शांति और शक्ति का संदेश
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर अपने आवास पर सिंदूर का पौधा लगाया. इस पौधे को उन्हें 1971 के युद्ध के दौरान उल्लेखनीय साहस दिखाने वाली महिलाओं के एक समूह ने उपहारस्वरूप दिया था. इस पहल को हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
कच्छ की यात्रा के दौरान महिलाओं ने किया था गिफ्ट
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा- यह पौधा देश की महिलाओं की वीरता और प्रेरणा का एक मजबूत प्रतीक बना रहेगा. उन्होंने कहा कि हाल ही में कच्छ की यात्रा के दौरान, 1971 के युद्ध के दौरान उल्लेखनीय साहस दिखाने वाली महिलाओं के एक ग्रुप ने उनसे मुलाकात की और ये पौधे भेंट किए. उन महिलाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पीएम ने वादा किया कि वह अपने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर इस पौधे को लगाएंगे.
विश्व पर्यावरण दिवस पर सिंदूर के पौधे का चयन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत करने के लिए अपने सैन्य कार्रवाई का नाम ऑपरेशन सिंदूर दिया था. सिंदूर पारंपरिक रूप से विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा लगाया जाता है, जो उनके सुहाग का प्रतीक होता है.
हर देश को स्वार्थ से ऊपर उठना होगा-पीएम मोदी
एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो मैसेज में पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक जलवायु की सुरक्षा के लिए हर देश को स्वार्थ से ऊपर उठना होगा. उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करना इस साल के विश्व पर्यावरण दिवस का विषय है और भारत पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार इस पर काम कर रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि मिशन लाइफ, जो संसाधनों के सोच-समझकर इस्तेमाल और टिकाऊ जीवन शैली को अपनाने की वकालत करता है, दुनिया भर में एक सार्वजनिक आंदोलन बन रहा है. उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने अपने दैनिक जीवन में कम करें, दोबारा इस्तेमाल करें और रीसाइकिल करें के मंत्र को अपनाया है. एक्स पर एक पोस्ट में मोदी ने लोगों से ग्रह की रक्षा करने और पर्यावरणीय चुनौतियों पर काबू पाने के लिए अपने प्रयासों को और बढ़ाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, "मैं उन सभी लोगों की भी सराहना करता हूं जो हमारे पर्यावरण को हरा-भरा और बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं."
क्या है सिंदूर के पौधे की खासियत?
सिंदूर के पौधे को वैज्ञानिक रूप से बिक्सा ओरेलाना के नाम से जाना जाता है. यह एक औषधीय और सांस्कृतिक महत्व का पौधा है. इसे कुमकुम ट्री, कमीला ट्री, या लिपस्टिक ट्री भी कहा जाता है. यह पौधा दक्षिण अमेरिका, मैक्सिको और कुछ एशियाई देशों में पाया जाता है. भारत की बात करें तो यह मुख्य रूप से महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में उगाया जाता है.
इस पौधे के फल और बीजों से लाल या नारंगी रंग का प्राकृतिक डाई प्राप्त होता है, जिसे सिंदूर के रूप में उपयोग किया जाता है. यह रंग शुद्ध और केमिकल-मुक्त होता है, जो त्वचा के लिए सुरक्षित है.इसके बीजों को पीसकर पाउडर या लिक्विड रूप में सिंदूर बनाया जाता है, जिसका उपयोग धार्मिक कार्यों, माँग भरने और सौंदर्य प्रसाधनों में होता है.
औषधीय गुण: यह पौधा औषधीय गुणों से भरपूर है. इसके बीजों और रस का उपयोग एंटीपायरेटिक (बुखार कम करने), एंटी-डायबिटिक, और रक्त शोधन के लिए किया जाता है. यह हृदय की शक्ति बढ़ाने और रक्त संचार में सुधार करने में भी मदद करता है.
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