चोर बना स्टाफ, फैक्ट्री-8 कार्टून सहित 43 डब्बे चुराए
बालाघाट। बालाघाट जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में सोमवार रात एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात चोर ने अस्पताल के दवा स्टोर रूम में सेंध लगाते हुए फैक्टर-8 इंजेक्शन के चार कार्टून (43 डब्बे) चुरा लिए, जिनकी कुल कीमत लगभग 8 लाख रुपए बताई जा रही है। इस चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें आरोपी हमालों की मदद से इंजेक्शन के डब्बे ले जाते हुए नजर आ रहा है। जब अस्पताल की कर्मचारी मनोरमा नागेश्वर और एक सुरक्षा गार्ड ने चोर को रोकने की कोशिश की, तो उसने उन्हें धक्का देकर वाहन से घसीटते हुए मौके से भागने में कामयाबी हासिल कर ली।
अस्पताल स्टाफ बनकर अंदर घुसा
सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बताया कि चोर ने बड़ी चालाकी से स्टाफ बनकर गार्ड को गुमराह किया और ट्रामा सेंटर के स्टोर रूम का ताला तोड़कर सीधे अंदर घुस गया। स्टोर से उसने फैक्टर-8 इंजेक्शन के चार बड़े कार्टून निकाले और फरार हो गया। डॉ. जैन के मुताबिक, जिस तरह से चोरी को अंजाम दिया गया है, उससे लगता है कि चोर को अस्पताल की गतिविधियों और दवा भंडारण की पूरी जानकारी थी। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि चोरी में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है।
क्या है फैक्टर-8 इंजेक्शन?
फैक्टर-8 एक बेहद महंगा और दुर्लभ इंजेक्शन होता है, जिसका उपयोग जन्मजात रक्तस्राव विकार (हीमोफीलिया) से पीड़ित मरीजों के इलाज में किया जाता है। इसकी कीमत हजारों में होती है और यह सरकारी स्टोर में सीमित मात्रा में उपलब्ध होता है।
पुलिस जांच शुरू
घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रबंधन ने भी ट्रामा सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सख्त कदम उठाने की बात कही है।
यूपी हादसा: 4 बच्चे चढ़े टंकी पर, 3 गिरे; 2 का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
2025-26 में ED का एक्शन मोड: हजारों रेड, पर कम हुई गिरफ्तारियां
बरगी क्रूज त्रासदी: "हमें भीख नहीं इंसाफ चाहिए", अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा; अब तक 13 शव बरामद
बरगी बांध हादसा: विमान में खराबी से 4 घंटे एयरपोर्ट पर रुका शव
नए SP अनुराग सुजानिया: किन जिलों में कर चुके हैं सेवा, अब सागर में जिम्मेदारी
नतीजों से पहले सियासी संग्राम, BJP बोली—ममता की हार तय
राहुल गांधी केस में सावरकर मुद्दा फिर गरमाया, गवाही में बड़े खुलासे
युद्ध या समझौता: मझधार में फंसे डोनाल्ड ट्रंप
भारत-इक्वाडोर संबंधों में नई मजबूती, दवा से डिजिटल तक समझौते
आज का बड़ा मुकाबला: PBKS vs GT, हेड टू हेड आंकड़े क्या कहते हैं