क्या नीती की छवि का फायदा उठा रहा है छांगुर बाबा? कोठी निर्माण को लेकर बढ़ा विवाद
हिंदू परिवारों का धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने बलरामपुर के रेहरामाफी गांव से उतरौला के मधपुर आकर अपना ठिकाना बनाया था। धर्म परिवर्तन की मुहिम को यहीं से तेज किया और एक डिग्री कॉलेज खोलने का खाका भी तैयार किया।
आलीशान आशियाना बनाने के साथ ही चारों तरफ मजबूत बाउंड्री बनवाई। करंट के तार भी दौड़ाए और पूरे क्षेत्र को कैमरों से भी सुरक्षित किया। छांगुर की कोठी को बिजली देने के लिए विशेष लाइन खींची गई थी। एक खंभा कोठी के अंदर ही लगा था।
इसके साथ ही 10 सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर व बाहर की गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी। ध्वस्तीकरण शुरू करने से पहले बिजली की लाइन हटाई गई। कोठी पर पुलिस टीम तैनात की गई। कमरों में कोई नही था। इससे ध्वस्तीकरण में कोई व्यवधान नहीं हुआ।
घरेलू सामग्री को पुलिस ने सुरक्षित निकाला
कोठी को गिराने से पहले पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सर्च अभियान चलाया। कोठी से मिले घरेलू व अन्य सामग्री को सुरक्षित निकाला गया। उतरौला सीओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किसी तरह से कोई नुकसान न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। केवल अवैध निर्माण को ही हटाया गया।
इसी कोठी के निर्माण को लेकर राजदार बब्बू से हुआ था छांगुर का विवाद
ध्वस्तीकरण की जद में आई कोठी के निर्माण से ही राजदार बब्बू उर्फ वसीउद्दीन से छांगुर का विवाद शुरू हुआ था। छांगुर ने मधपुर में अपना आशियाना और नीतू की कोठी के निर्माण का ठेका उतरौला के ही बब्बू को दिया था। बात 12 करोड़ पर हुई और निर्माण पर 12 करोड़ खर्च करने का दावा बब्बू ने किया।
एटीएस ने जांच में भी उल्लेख किया है कि छांगुर ने बब्बू को 5.70 करोड़ ही दिए। बकाया राशि हड़पने के लिए उससे मारपीट की। इसकी रिपोर्ट उतरौला थाने में दर्ज हुई। इसके बाद बब्बू के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में भी एफआईआर दर्ज करा दी।
छांगुर प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई
धर्मांतरण के आरोप में एटीएस ने अगस्त 2024 में एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू की। 10 आरोपी बनाए गए, जिसमें जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के बेटे महबूब और नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन को बीते 08 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। उसी दिन से छांगुर और नीतू उर्फ नसरीन भूमिगत हो गए। एटीएस ने छांगुर और नीतू को पांच जुलाई को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया।
छांगुर बाबा के खिलाफ ईडी ने दर्ज किया केस, विदेशी फंडिंग की करेगी जांच
हिंदू लड़कियों का अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने वाले छांगुर बाबा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ईडी ने यूपी एसटीएफ की रिपोर्ट और यूपी एटीएस द्वारा छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे के आधार पर यह कार्रवाई की है। जल्द ईडी छांगुर बाबा और उनके सहयोगियों के करीब दो दर्जन बैंक खातों की जांच कर विदेशी फंडिंग के सुराग तलाशेगी।
बता दें कि एटीएस द्वारा दर्ज मुकदमे में छांगुर बाबा के करीबी नवीन घनश्याम रोहरा और नीतू रोहरा व अन्य के दो दर्जन से ज्यादा बैंक खातों का जिक्र किया गया है, जिनमें करोड़ों रुपये की रकम आई थी। साथ ही विदेशी खातों के जरिए भी लाखों रुपये का लेन-देन होने के प्रमाण मिले हैं। अब ईडी इनकी जांच करके पता लगाएगा कि यह फंडिंग कहां से हो रही थी। साथ ही, छांगुर बाबा और उनके करीबियों की चल-अचल संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें जब्त किया जाएगा।
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