नेत्रदान बना परंपरा ब्यावरा के एक ही परिवार से पति पत्नी दोनों का नेत्रदान, दामोदर गुप्ता मृत्यु के बाद भी दो लोगों को दे गए नई नेत्र ज्योति-*
*
*बारवाँ परिवार ने स्वयं पहल करके पुण्यात्मा का नेत्रदान का निर्णय लिया और मेड़तवाल रक्त नेत्र मित्र समिति के प्रयासों से नेत्रदान संपन्न हुआ-*
नेत्रदान किसी को नई नेत्र ज्योति देने का माध्यम है और यह जीवन के अंतिम समय में भी परोपकार का सर्वश्रेष्ठ कार्य है, इसी जागरूकता के चलते ब्यावरा कस्बे में पत्नी और पति दोनों का नेत्रदान करवा कर बारवाँ परिवार ने समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मेड़तवाल रक्त नेत्र मित्र समिति के विशाल गुप्ता जीरापुर ने बताया कि ब्यावरा निवासी समाजसेवी दामोदरदास गुप्ता के निधन के पश्चात मृतक के भाई मेड़तवाल समाज के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री गोपालचंद गुप्ता ने अपने भतीजे अनिल, सुनील और अतुल से नेत्रदान के लिए बात करके समिति के भवानीमंडी निवासी कमलेश गुप्ता दलाल को नेत्रदान के लिए निवेदन किया, ऐसे में सूचना देने पर शंकरा नेत्रालय इंदौर से डॉ ऋतुराज शर्मा, डॉ अंकित देवकर एवं अनिल गोरे की नेत्र उत्तसरण टीम ने रात्रि 11 बजे ब्यावरा पहुंचकर विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता एवं रामकृष्ण गुप्ता के निर्देशन में पूरे परिवार के सामने पुण्यात्मा का नेत्रदान प्राप्त किया, जिससे दो लोगों को नई नेत्र ज्योति प्राप्त हो सकेगी। शिक्षित परिवार होने के कारण नेत्रदान प्रक्रिया के समय परिवार की महिलाएं और बच्चे एवं बड़ी संख्या में समाज सदस्य उपस्थित थे, नेत्रदान प्रक्रिया में रामकृष्ण गुप्ता के साथ-साथ सोनू गुप्ता, एवं प्रमोद सिंगी ने भी सहयोग किया, नेत्रदान के बाद नेत्र उत्तसरण टीम एवं मेड़तवाल रक्त नेत्र मित्र समिति के द्वारा परिवार को प्रशस्ति-पत्र दिया गया।
मेड़तवाल रक्त नेत्र मित्र समिति के विशाल गुप्ता ने बताया कि यह पहली बार राजगढ़ जिले में एक ही परिवार से दूसरा नेत्रदान प्राप्त हुआ है, इससे पहले दामोदरदास गुप्ता की धर्मपत्नी गीताबाई गुप्ता का भी मरणोपरांत नेत्रदान संपन्न हुआ है, वहीं यह पिछले 1 वर्ष में में राजगढ़ जिले से रिकॉर्ड 11 वां नेत्रदान प्राप्त हुआ है।
वही नेत्रदानी दामोदरदास गुप्ता के भाई गोपाल चंद्र गुप्ता एवं पुत्र अनिल, सुनील व अतुल गुप्ता ने बताया कि नेत्रदान ने उनके पिता की आंखों को अमर किया है, लंबे समय तक उनके पिता समाज सेवा के कार्य में अग्रणी रहे हैं, ऐसे में अंतिम समय में भी पिता के नेत्रदान से उनके परिवार को एक आत्मीय संतोष की प्राप्ति हुई है।
प्रेषक-
रामकृष्ण गुप्ता,
मेड़तवाल रक्त नेत्र मित्र समिति,
ब्यावरा
9425442304
43 मिनट में तीसरा हमला: कुवैत की सरकारी रिफाइनरी पर फिर वार
कमलनाथ के बयान पर राजनीति गरमाई
इंदौर में चमत्कारिक ऑपरेशन, युवक को मिली नई जिंदगी
आवेदन की डेडलाइन बढ़ी, अग्निवीर भर्ती में अब अप्लाई कर सकते हैं
ललित मोदी ने BCCI से किया विशेष अनुरोध, सोशल मीडिया पर वायरल
रूस-भारत संबंध मजबूत: डिप्टी पीएम मंटुरोव ने उठाए व्यापार और ऊर्जा के मुद्दे
लाखों शिक्षकों को राहत, मिलेगा करीब 2 लाख तक एरियर
‘काली’ रूप में नाचते भक्तों के बीच पुलिसकर्मी भी हुए मग्न
Bengal 2026: AIMIM ने चुने 12 चेहरे, जानें पूरी टिकट लिस्ट
राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया: दबाव में हूं, पर जज्बा नहीं टूटा