राजगढ़।
जिले के एकमात्र शासकीय विधि महाविद्यालय में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शनिवार को विभाग छात्रा प्रमुख उमा वैष्णव के नेतृत्व मे विशाल आंदोलन किया। इस दौरान महाविद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। आंदोलन के बीच जिला छात्रावास संयोजक आनंद शर्मा द्वारा व्यंग्यात्मक काव्य पाठ किया गया, जिससे महाविद्यालय प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया गया। कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय प्रशासन को सद्बुद्धि के लिए सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ भी किया।

हंगामे की सूचना पर तहसीलदार ज्ञापन लेने पहुंचे, किंतु ABVP कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और कहा कि ज्ञापन केवल कलेक्टर को ही सौंपा जाएगा। लंबे समय तक चले विरोध के बाद ADM मौके पर पहुंचे। छात्र कार्यकर्ताओं ने ADM को पूरे कॉलेज का निरीक्षण कराते हुए जमीनी सच्चाई दिखाई और उसके बाद विस्तृत ज्ञापन सौंपा। परिषद ने प्रशासन को तीन दिन का समय देते हुए कहा कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो जिले में बड़ा उग्र आंदोलन होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


महाविद्यालय की भयावह स्थिति उजागर

ABVP पदाधिकारियों ने कहा कि यह जिले का एकमात्र विधि महाविद्यालय है, जो केवल तीन कमरों में संचालित हो रहा है। पीने का पानी उपलब्ध नहीं है, पर्याप्त कक्षाएं नहीं हैं, स्टाफ की भारी कमी है और पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं है। महाविद्यालय का ढांचा इतना पुराना और जर्जर है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

छात्रों ने बताया कि कॉपियों की जांच में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है। पिछले वर्ष फैमिली लॉ विषय में अधिकांश छात्रों को फेल कर दिया गया था, वहीं इस वर्ष लॉ ऑफ कॉन्ट्रैक्ट विषय में भी लगभग सभी को फेल कर दिया गया, जिससे स्पष्ट संदेह उत्पन्न होता है। आंदोलन के दौरान यह भी सामने आया कि कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को ABVP का साथ देने पर फेल करने की धमकी दी, लेकिन इसके बावजूद छात्र-छात्राओं ने साहसपूर्वक आंदोलन में भाग लिया।


ज्ञापन के 7 मुख्य बिंदु

1. विधि महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाएं जैसे पीने का पानी, स्वच्छता, पर्याप्त कक्षाएं और पुस्तकालय की व्यवस्था तत्काल की जाए।

2. पर्याप्त संख्या में प्राध्यापकों की नियुक्ति कर सभी कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए।

3. शैक्षणिक स्टाफ के अलावा अन्य कार्यों के लिए भी पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।

4. पुस्तकालय की स्थापना कर विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

5. महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था हो।

6. कॉपी जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को रोका जाए।


7. महाविद्यालय प्रशासन का विद्यार्थियों के प्रति सहज और सहयोगी रवैया सुनिश्चित किया जाए।

 


---

ABVP नगर मंत्री कुलदीप सिंगी का अल्टीमेटम

ABVP ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं हुई, तो परिषद जिले में व्यापक स्तर पर उग्र आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


---

आंदोलन में शामिल पदाधिकारी और कार्यकर्ता

आंदोलन का नेतृत्व छात्रा प्रमुख उमा वैष्णव, जिला संयोजक शुभम शर्मा, जिला छात्रावास संयोजक आनंद शर्मा, भाग संयोजक मनीष बना, नगर मंत्री कुलदीप सिंगी बाबा, हर्ष बना,अंकित बॉथम, आकाश , उदय , हेमंत गौड ,वंशिका,,सोनू ,राजेश, राहुल,हर्ष ,ने किया। इस मौके पर सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।