**

राजगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी (IPS) के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के एल बंजारे तथा एसडीओपी ब्यावरा श्री प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में थाना देहात ब्यावरा पुलिस द्वारा फर्जी नोटरी सील एवं हस्ताक्षर का उपयोग कर धोखाधड़ी एवं कूटरचना करने वाले दो आरोपियों के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही की गई है।

फरियादी प्रहलाद सिंह पंवार, एडवोकेट नोटरी राजगढ़ द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि ब्यावरा तहसील परिसर में आवेदन पत्र लेख करने वाले दिलीप कुमार व्यास एवं उसका पुत्र विनय व्यास, दोनों निवासी भवरगंज ब्यावरा, मेरे नाम से फर्जी नोटरी सील एवं हस्ताक्षर बनाकर अवैधानिक रूप से शपथ पत्र एवं अन्य दस्तावेज तैयार कर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं।

रिपोर्ट पर थाना देहात ब्यावरा में अपराध क्रमांक 273/25, धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340, 342, 61(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

दौराने विवेचना फरियादी से आरोपियों द्वारा बनवाया गया फर्जी शपथ पत्र एवं मूल सीलों के नमूने जप्त किए गए।

 आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस टीम को दोनों आरोपी दिलीप व्यास एवं विनय व्यास राजगढ़ रोड, ब्यावरा पर मिले, जिन्हें विधिवत गिरफ्तार कर थाना लाया गया।

पूछताछ में आरोपी दिलीप व्यास ने बताया कि उसने लगभग 4-5 वर्ष पूर्व फरियादी वकील प्रहलाद सिंह पवार के नाम से फर्जी नोटरी सील तैयार कर ली थी और उसी का उपयोग कर फर्जी शपथ पत्र एवं दस्तावेज तैयार करता था, जिससे उसे आर्थिक लाभ होता था। इस कार्य में उसका पुत्र विनय व्यास उसकी सहायता करता था।

आरोपियों के मेमोरेंडम पर पुलिस ने उनके कब्जे से कूटरचना में प्रयुक्त नोटरी सीलें, टाइपराइटर, स्टाम्प पैड एवं अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को उनके अपराध से अवगत कराकर विधिवत गिरफ्तार किया गया है तथा पूछताछ जारी है।

राजगढ़ पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के दस्तावेज सत्यापन अथवा नोटरी कार्य के लिए केवल अधिकृत एवं विधिवत लाइसेंस प्राप्त नोटरी वकील से ही कार्य कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
उक्त संपूर्ण कार्रवाई में उनि गोविंद मीणा, सउनि शादाब खान,प्रआर 563 सतीश त्यागी प्र.आर. 814 गजराज सिंह,प्र.आर.529 प्रदीप राजपूत,आर.873 प्रदुमन, आर.622 पुष्पेंद्र आर्य,आर.1004 प्रदीप मीणा,आर ललित तोमर