श्योपुर में मिड-डे मील लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, स्कूल प्राचार्य निलंबित और टेंडर रद्द
श्योपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बच्चों को मिड-डे मील का खाना जमीन पर परोसे जाने के मामले ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा ने घटना का संज्ञान लेते हुए एसडीएम को तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। जांच के बाद स्कूल के प्रभारी प्राचार्य भोगीराम धाकड़ को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मिड-डे मील की सप्लाई करने वाले स्व-सहायता समूह का टेंडर भी रद्द कर दिया गया है।
घटना के सामने आने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों के साथ इस तरह का असंवेदनशील व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर वर्मा ने कहा, “बच्चों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। भविष्य में ऐसी लापरवाही पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
BRC और CAC को नोटिस जारी किया गया
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी एमएल गर्ग ने भी एक्शन लेते हुए ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) और क्लस्टर एकेडमिक कोऑर्डिनेटर (CAC) को नोटिस जारी किया है। उनसे तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रशासन ने सभी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मिड-डे मील की गुणवत्ता और बच्चों की गरिमा दोनों से किसी भी तरह की लापरवाही न की जाए। जिले में इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील की निगरानी को और सख्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन