नई सोच, नई तकनीक: अधोसंरचना विकास में PWD की बड़ी छलांग
भोपाल। आज भोपाल स्थित रवींद्र भवन में विभाग की राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे इंजीनियरों की दक्षता और समर्पण के बल पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग (PWD) राज्य में अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में नई गति ला रहा है। विभाग ने नई तकनीकों को अपनाकर और समयबद्ध कार्यप्रणाली लागू करके सड़क, पुल और भवन निर्माण में गुणवत्ता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। PWD के अधिकारी बताते हैं कि डिजिटल तकनीकों और आधुनिक निर्माण प्रबंधन उपकरणों के उपयोग से परियोजनाओं का निर्धारित समय पर पूरा होना सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे न केवल निर्माण कार्य तेज हुआ है बल्कि निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानक भी बढ़े हैं।
नई तकनीक का प्रभाव
लोक निर्माण विभाग ने स्मार्ट मैपिंग, ड्रोन निरीक्षण और जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग जैसी तकनीकें अपनाई हैं। इससे प्रोजेक्ट साइट का वास्तविक समय में डेटा उपलब्ध होता है और निर्माण में देरी और लागत बढ़ने की संभावना कम होती है।
समयबद्ध कार्यप्रणाली
PWD ने सभी परियोजनाओं में टाइमलाइन आधारित प्रबंधन लागू किया है। हर प्रोजेक्ट के लिए चरणबद्ध योजना बनाई जाती है और नियमित निरीक्षण के जरिए समय पर कार्य पूरा करने पर ध्यान दिया जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की संभावना भी कम हुई है।
प्रदेश में प्रभाव
इन पहल के परिणामस्वरूप राज्य में कई मुख्य सड़क और पुल निर्माण परियोजनाएं समय से पूरी हो रही हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेहतर सड़कें, सुरक्षित पुल और आधुनिक भवन नागरिकों को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक और कार्यप्रणाली अधोसंरचना विकास में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
भविष्य की योजनाएं
PWD आगामी वर्षों में और अधिक स्मार्ट तकनीकों, जैसे आईओटी सेंसर और ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग सिस्टम, को अपनाने की योजना बना रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश की सड़क और भवन संरचना देश के सबसे बेहतर और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर में शामिल हो। PWD के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “नई तकनीक और समयबद्ध कार्यप्रणाली के साथ हम केवल निर्माण कार्य ही नहीं कर रहे, बल्कि प्रदेश में सुरक्षित, टिकाऊ और स्मार्ट अधोसंरचना विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। यह जनता के जीवन को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता है।”
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