ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित कॉरिडोर में मानव जीवन के लिए घातक निर्माण हटाए
भोपाल : मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) ने 132 केवी छतरपुर–बिजावर एवं 132 केवी छतरपुर–नौगांव ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित क्षेत्र में किए गए अवैध एवं जोखिमपूर्ण निर्माणों को हटवाकर जन-सुरक्षा सुनिश्चित की है।
एम पी ट्रांसको के मुख्य अभियंता डी.के. अग्रवाल ने बताया कि छतरपुर के संध्या विहार एवं शटई रोड क्षेत्र के समीप ट्रांसमिशन लाइन के लोकेशन क्रमांक 92 एवं 93 के मध्य कुछ व्यक्तियों द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में गैर कानूनी रुप से भवन निर्माण किया गया था और कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। यह निर्माण 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन के लिए निर्धारित न्यूनतम 27 मीटर के कॉरिडोर की सीमा के भीतर पाए गए, जो मानव जीवन के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो सकते थे।
नोटिस दे कर किया गया था आगाह
एमपी ट्रांसको द्वारा संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में विधिवत नोटिस जारी कर समझाइश दी गई थी कि ट्रांसमिशन लाइन के निकट निर्माण करना विद्युत आघात जैसी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। चेतावनी के बावजूद निर्माण नहीं हटाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों में राजेश साहू, डी.डी. अहीरवाल एवं घनश्याम पाल—के निर्माण स्थलों से लोहे की सरिया एवं टीन की चादरें हटवाई गईं तथा ईंट की दीवारों को आंशिक रूप से ध्वस्त कर सुरक्षित दूरी सुनिश्चित की गई।
इस कार्रवाई का उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त करना तथा आमजन के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
दीपिका पादुकोण फिर बनने वाली हैं मां? मैटरनिटी लुक्स ने बढ़ाई हलचल
पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, आर्मी ने कहा- इंसानियत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
इंदौर में ट्रैफिक समस्या बरकरार, हाई कोर्ट ने मांगा ठोस समाधान
मन्नत के बाद मातम: मंदिर से लौट रही महिला की सड़क हादसे में मौत
Ministry of Home Affairs को मिला ‘प्रज्ञा’ सिस्टम, सुरक्षा में आएगी नई मजबूती
अहमदाबाद में बल्लेबाजी का सरेंडर: 100 रन की हार से खुश नहीं हेडन, खिलाड़ियों को दी चेतावनी।
वर्ल्ड कप 2026 पर लगा फिक्सिंग का दाग: कनाडा बनाम न्यूजीलैंड मैच की जांच में जुटी आईसीसी की एसीयू।
साइबर फ्रॉड का महाघोटाला: 2500 करोड़ की ठगी, 20 आरोपी गिरफ्तार