हिजबुल्लाह के जोरदार हमले को देखते हुए इजराइल ने किया आयरन बीम का इस्तेमाल
तेल अवीव। अमेरिका-इजराइल ने मिलकर ईरान पर एक के बाद एक कई हमले किए हैं। ईरान भी अमेरिका के साथी देशों पर मिसाइलें लगातार दाग रहा है। इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से हिजबुल्लाह भी भड़क गया है। हिजबुल्लाह ने रविवार देर रात इजराइल पर बड़ा हमला किया, लेकिन इजराइली सेना के डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली सेना ने सीमा पार से आने वाली कुछ मिसाइलों को आयरन बीम से रोक दिया। हिजबुल्लाह ने इजराइल पर किए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हिजबुल्लाह का कहना है कि उसने इजराइल पर ये हमला ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए किया है, लेकिन इजराइली सेना ने दावा है कि इस हमले में उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। इजराइल वॉर रूम के जारी एक वीडियो में आयरन बीम की शक्ति का प्रदर्शन किया गया, जिसे तेल अवीव का युद्ध के नए दौर का डिफेंस सिस्टम बताया गया है।
इजराइली सेना ने फुटेज में दिखाया कि हिजबुल्लाह की मिसाइलों को आसमान में ही रोक दिया गया। सेना ने जानकारी देते हुए बताया कि आयरन बीम का इस्तेमाल पहली बार किया गया है। इजराइल के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक आयरन बीम को आयरन डोम के साथ ही डेवलप किया गया है। आयरन बीम मिसाइलों, ड्रोन, रॉकेट और मोर्टार समेत कई तरह के हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इजराइली अधिकारियों का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी युद्ध के एक नए दौर की शुरुआत कर सकती है, क्योंकि देश को ईरान और लेबनान के हिजबुल्लाह से बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। इजराइल आयरन बीम पर एक दशक से ज्यादा समय से काम कर रहा है। इस डिफेंस सिस्टम को पहली बार 2014 में दिखाया गया था और डेवलपमेंट और फाइनल टेस्टिंग पूरी होने के बाद सितंबर 2025 में इसे ऑपरेशनल घोषित किया गया था। पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों के उलट, आयरन बीम लेजर-बेस्ड सिस्टम है, जो लगातार एनर्जी सोर्स पर निर्भर करता है। इसमें जब तक पावर मौजूद है, सिस्टम में एम्युनिशन खत्म होने का खतरा नहीं रहता है। इजराइली अधिकारियों ने इस टेक्नोलॉजी को प्रोजेक्टाइल हमलों से बचाव में गेम-चेंजर बताया है।
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