ईडन गार्डन कॉलोनी में प्रबंधन को लेकर बढ़ा विवाद, सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था प्रभावित
राजपत्रित संस्था के गठन के बावजूद कथित अवैध गुट काबिज; बैंक खाता फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू, प्रशासन व पुलिस को सख्त निर्देश
भोपाल । अमरावत खुर्द स्थित ईडन गार्डन कॉलोनी इन दिनों गंभीर प्रशासनिक विवाद का केंद्र बनी हुई है। कॉलोनी के रहवासियों का आरोप है कि वैधानिक रूप से गठित प्रबंधन संस्था को अब तक प्रभार नहीं सौंपा गया, जिससे बुनियादी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) एम.पी. नगर द्वारा ‘म.प्र. प्रकोष्ठ स्वामित्व अधिनियम, 2000’ के तहत कॉलोनी के रख-रखाव के लिए एक वैधानिक मेंटेनेंस संस्था का गठन किया गया। यह संस्था शासन द्वारा राजपत्र (गजट) में अधिसूचित और अधिकृत बताई जा रही है।
अवैध कब्जे के आरोप
विज्ञप्ति के अनुसार, कॉलोनी की पुरानी सहकारी संस्था का वैधानिक आधार माननीय न्यायालय द्वारा समाप्त किया जा चुका है। इसके बावजूद, एक विशेष गुट—जिसे स्थानीय रहवासी बीएचईएल कर्मचारी गुट कहते है कॉलोनी के प्रबंधन पर काबिज है। आरोप है कि यह गुट बिना किसी वैधानिक अधिकार के रहवासियों से प्राप्त धनराशि का उपयोग कर रहा है।
विकास कार्यों में बाधा
रहवासियों का कहना है कि अधिकृत संस्था को प्रभार न मिलने से कॉलोनी के आवश्यक विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। नर्मदा जल आपूर्ति और गैस पाइपलाइन जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के कार्य लंबित हैं। प्रशासन द्वारा प्रभार हस्तांतरण के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
पैसे का दुरूपयोग


न्यायालय का रुख और बैंक खाता फ्रीज
माननीय संयुक्त पंजीयक ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रकोष्ठ अधिनियम लागू होने के बाद पुरानी सहकारी संस्था को प्रबंधन का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कथित अवैध संस्था के केनरा बैंक स्थित खाते (क्रमांक: 6368101002409) को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय दुरुपयोग को रोका जा सके।
पुलिस और राजस्व अधिकारियों को निर्देश
थाना अवधपुरी पुलिस और संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कॉलोनी को कथित अवैध गुट के कब्जे से मुक्त कराकर अधिकृत प्रकोष्ठ संस्था को प्रभार दिलाना सुनिश्चित करें।
इस बीच, रहवासियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो कॉलोनी की आधारभूत सुविधाएं और अधिक प्रभावित हो सकती हैं। वहीं , प्रशासनिक स्तर पर प्रभार हस्तांतरण को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
CISF Constable Recruitment Dispute: Supreme Court Dismisses Central Government's Petition
नई शराब नीति: पारदर्शी लाइसेंसिंग से बढ़ी प्रतिस्पर्धा और राजस्व
लोकसभा सीटों में इजाफा बना बहस का मुद्दा, उत्तर को लाभ तो दक्षिण को नुकसान?
MP हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, रिश्वत मामले में डॉक्टर को लगाई फटकार
दोस्त की हत्या के बाद भूत का डर बना वजह, आरोपी ने थाने में किया सरेंडर
बंगाल में सियासी घमासान: शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर लगाए 14 गंभीर आरोप
अभाविप राजगढ़ जिले की नगर इकाई राजगढ़ के नगरमंत्री द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया।