ब्रह्माकुमारी आश्रम में मनाया होली स्नेह मिलन पर्व सजाई राधे कृष्ण की झांकी
कुलदीप सिंगी बाबा
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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय राजगढ के "शिव वरदान 'भवन" में होली इसने मिलन एवं भाई दूज का पर्व अत्यंत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
होली पर्व के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए बीके मधु दीदी ने बताया कि होली केवल रंगों का त्यौहार नहीं बल्कि जीवन परिवर्तन का संदेश देने वाला उत्सव है जब हम बुराइयों का दहन करते हैं तो परमात्मा के गुण पवित्रता, सुख, शान्ति, आनंद, प्रेम का जीवन में संचार होने लगता है। होली की विशेषता है जलाना, फिर मनाना और फिर मंगल मिलन करना। इन तीन विशेषताओं से यादगार बना हुआ है। क्योंकि पवित्र बनने के लिए पहले पुराने संस्कार, पुरानी स्मृतियाँ सभी को परमात्मा के याद की अग्नि मे जलायेंगे तभी परमात्मा के संग का रंग लगेगा जब परमात्मा के संग का रंग लग जाता है व विश्व की सर्व आत्माओं से परमात्म परिवार की महसूसता होने लगती है। एक दूसरे के प्रति आत्मिक स्मृति के कारण भा तत्व की भावना जागृत होने लगती है मंगल मिलन बना सकते हैं।
इस अवसर पर राजेंद्र जोशी (काकाजी) एवं समाजसेवी प्रतापसिंह सिसोदिया जी ने शुभकामनाएं दी।
बच्चों ने सुंदर-सुंदर एक्टिविटी कराई कु. तनिष्क व अकक्षी ने सुंदर नृत्य किया।
राधे कृष्ण द्वारा सभी पर गुलाबाशी, पुष्प वर्षा, गुलाल का टीका लगाकर होली पर्व मनाया गया।
इसके पश्चात सभी ने राधे कृष्ण के साथ मिलकर रास किया।
इस पर्व को मनाने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़े हुए काफी संख्या में लोग उपस्थित हुए अंत में सभी का मुंह मीठा कराया।
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