आमिर खान ने भविष्य में बेहतर कंटेंट देने की कही बात
आमिर खान इन दिनों बेटे जुनैद खान की फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर चर्चाओं में हैं। यह फिल्म आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस के तले ही बनी है। इस बीच ‘लाल सिंह चड्ढा’ की असफलता को लेकर एक बार फिर आमिर खान का दर्द उभरा है। आमिर ने बताया कि कैसे ‘लाल सिंह चड्ढा’ की असफलता ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ की असफलता से पूरी तरह से अलग थी। इसलिए ‘लाल सिंह चड्ढा’ की असफलता ने उन्हें ज्यादा प्रभावित किया।
‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ की असफलता से नहीं हुई हैरानी
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय फिल्म महोत्सव में आमिर ने ‘लाल सिंह चड्ढा’ और ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ की सफलता को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि जब 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई, तो मुझे हैरानी नहीं हुई क्योंकि मुझे वह फिल्म पसंद नहीं आई थी। इसलिए दर्शक और मैं एक ही राय रखते थे।
हालांकि, मुझे दुख जरूर हुआ क्योंकि उस फिल्म को बनाने में बहुत मेहनत लगी थी। आदित्य चोपड़ा ने उसमें बहुत पैसा लगाया था। वह एक बेहतरीन निर्माता हैं। उन्होंने फिल्म के लिए बहुत कुछ किया था। लेकिन यह एक ऐसी दुर्घटना की तरह था, जिसे मैं धीरे-धीरे होते हुए देख सकता था। लेकिन 'लाल सिंह चड्ढा' के बारे में मुझे लगता है कि यह एक बहुत अच्छी फिल्म है। यह आज भी एक बहुत अच्छी फिल्म है।
इसलिए लगाया 200 करोड़ रुपए का बजट
इस दौरान आमिर ने कहा कि जब ‘लाल सिंह चड्ढा’ पहली बार रिलीज हुई थी, तब उनमें से ज्यादातर लोग सिनेमाघरों में नहीं आए थे। कई लोगों को लाल सिंह चड्ढा पसंद आई है, लेकिन मुझे यह भी पता है कि कई लोगों को यह फिल्म समझ नहीं आई। लेकिन यह सोचना बचकाना होगा। क्योंकि जिस फिल्म को दर्शक पसंद कर रहे हों, उसे फ्लॉप करना नामुमकिन है।इसलिए अगर यह नहीं चली, तो दर्शकों का इससे जुड़ाव नहीं हो पाया। फिल्म के 200 करोड़ रुपए के बजट पर उन्होंने कहा कि मेरी लगातार कई फिल्में सफल हो रही थीं, इसलिए मैं अति आत्मविश्वास में आ गया था।मुझे लगा कि यह फिल्म आसानी से 300 करोड़ रुपये कमा लेगी। मुझे अपनी प्रोडक्शन टीम के साथ बैठकर उन्हें बताना चाहिए था कि यह कोई मेनस्ट्रीम फिल्म नहीं है। तब हम इसके दायरे का पता लगाते। हमें कम से कम बजट रखना चाहिए था और इतनी उम्मीद नहीं रखनी चाहिए थी।
‘लाल सिंह चड्ढा’ की असफलता में भी परिवार साथ रहा
आमिर ‘लाल सिंह चड्ढा’ की असफलता से पूरी तरह से टूट गए थे। उन्होंने कहा कि मैं बहुत दुखी, निराश और शोक में डूबा हुआ था। शुरुआत में कुछ महीनों तक यह मेरे लिए बहुत दर्दनाक रहा, लेकिन फिर मैंने खुद को इससे बाहर निकाल लिया। मुझे लगता है कि मैं ऐसा ही हूं।
मैं अपनी भावनाओं को दबाने की कोशिश नहीं करता। मेरे लिए महसूस करना बहुत जरूरी है। मैं जो भी महसूस कर रहा होता हूं, मैं खुद को उसे महसूस करने देता हूं। आमिर ने हंसते हुए कहा कि इससे पहले कोविड की वजह से मैंने अपने परिवार से दोबारा जुड़ने की कोशिश की थी।
इसलिए जब लाल सिंह नहीं चली, तो मेरी बहनें मुझसे मिलने आती थीं। मेरी मां भी आती थीं। मेरे बच्चे भी आते थे। किरण भी आती-जाती रहती थीं। रीना पूछती रहती थीं, 'क्या हाल है? तुम ठीक हो?' मैं सोचता था, इतना भाव तो मुझे जिंदगी में कभी नहीं मिला। अगर फ्लॉप के बाद मुझे अपने परिवार से इतना ध्यान मिलता, तो मैं दो-तीन और फिल्में कर लेता यार।
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