*“संवाद से समाधान"* 

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 *राजगढ़ 13 जनवरी, 2026* 

     जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान हेतु कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम की अभिनव पहल शुरू की गई है। यह कार्यक्रम प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई से पूर्व आयोजित किया जाता है। इसमें विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और शिकायतकर्ता आमने-सामने बैठकर शिकायतों का समाधान करते हैं। इस सप्ताह कृषि विभाग से संबंधित 5 शिकायतों की समीक्षा की गई है। कलेक्टर डॉ. मिश्रा स्वयं प्रत्येक शिकायत को व्यक्तिगत रूप से सुन कर मौके पर ही उसका समाधान सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।  

यह पहल न केवल अधिकारियों में जवाबदेही स्थापित कर रही है, बल्कि आम नागरिकों और जिला प्रशासन के बीच सीधा संवाद भी स्थापित कर रही है। ‘संवाद से समाधान’ ने आमजन के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास और पारदर्शिता को और मजबूत किया है। मंगलवार को आयोजित संवाद से समाधान कार्यक्रम में शिकायतकर्ता श्री सोदान सिंह द्वारा बताया गया कि आवेदक द्वारा कृषि विभाग की पाईप लाईन के लिए आवेदन किया गया था। आवेदक का आवेदन रिजेक्‍ट कर दिया गया है और आवेदक द्वारा 21 हजार 800 रूपये की राशि जमा करवा ली गई है। आवेदक को योजना का लाभ नहीं मिला है। जिससे आवेदक को काफी समस्‍या हो रही है। कलेक्‍टर ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की जांच उपरांत पता चला की आवेदक अपात्र है। शिकायत को लंबे समय से लंबित रखने पर संबंधित कृषि विभाग के सीएम हेल्‍पलाईन प्रभारी का सात दिवस का वेतन काटने व एसीडीओ सारंगपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

शिकायतकर्ता श्री रामेश्‍वर सौंधिया द्वारा बताया गया कि उनकी गेहूं की फसल में आग लग गई थी, उन्‍हे फसल बीमा योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जिससे आवेदक को काफी समस्‍या हो रही है। शिकायत की जांच में बताया गया कि अज्ञात कारणों से लगी फसल में आग बीमा कंपनी के क्राईट एरिया में नहीं आती है। आवेदक को राजस्‍व विभाग आबीसी 6/4 में 55 हजार रूपये की मुआवजा राशि स्‍वीकृत कर दी गई है। साथ ही कलेक्‍टर डॉ. मिश्रा ने शिकायतकर्ता लंबे समय तक परेशान होने पर रेडक्रास से 10 हजार रूपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

शिकायतकर्ता श्री मदन सिंह द्वारा बताया गया कि उन्‍होंने आरके टेड्रर्स खिलचीपुर से कीट नाशक दवाईयां खरीदी थी दवाई का फसल में छिड़काव करने पर उनकी पूरी फसल नष्‍ट हो गई है। जिससे आवेदक को आर्थिक हानि हुई है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्‍टर ने शिकायत की जांच करवाई जांच में पता चला की श्री मदन सिंह द्वारा जो कीट नाशक दवाई उनकी धनिया की फसल में छिडकाव की गई थी। उस दवाई के सेम्‍पल लेब में भेज कर पूर्व में ही जांच करवाए गए, लेब में सेम्‍पल पास हुए। कलेक्‍टर ने आवेदक लंबे समय तक परेशान होने पर 5 हजार रूपये की आर्थिक सहायता रेडक्रांस से किसान को दी।

शिकायतकर्ता श्री अरविंद सिंह राजपूत द्वारा बताया गया कि उन्‍हे वर्ष 2021 का फसल बीमा का लाभ नहीं मिला आवेदक को बीमा कंपनी द्वारा बार-बार गुमराह किया जा रहा है। जिससे आवेदक को काफी समस्‍याएं हो रही है। कलेक्‍टर ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए बीमा कंपनी को निर्देशित किया कि एक सप्‍ताह में आवेदक की शिकायत का निराकरण करें। अन्‍यथा बीमा कंपनी पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही बीमा कंपनी के नोडल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।