वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना ने अपनी नौसैनिक और हवाई कार्रवाई को बेहद तेज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस सैन्य अभियान की आधिकारिक जानकारी साझा की है। कमांड के मुताबिक, ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) दोबारा लागू किए जाने के बाद पिछले 17 घंटों के भीतर अमेरिकी सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान नाकाबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहे दो अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों (कमर्शियल शिप्स) को अमेरिकी नौसेना ने रोककर उनका रास्ता बदलने पर मजबूर कर दिया। अमेरिकी सेना इस पूरे समुद्री क्षेत्र की स्थिति पर लगातार पैनी नजर रख रही है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तरह तैनात है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए ईरान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने साफ किया है कि ईरान के खिलाफ की जा रही इस कड़ी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन की सुरक्षा और स्वतंत्रता को बहाल रखना है। इसी रणनीति के तहत अमेरिका ने ईरानी सेना के ठिकानों पर एक के बाद एक कई हवाई हमले शुरू किए हैं। इन हमलों का सीधा मकसद ईरानी सेना की उन सैन्य क्षमताओं और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से ध्वस्त करना है, जिनका इस्तेमाल वह इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए करती आ रही है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति (कच्चे तेल की आवाजाही) के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है, और इसके लिए खतरा पैदा करने वाली ईरान की क्षमता को कुचलना बेहद जरूरी हो गया है।

शाम 4 बजे से लागू हुई सख्त समुद्री नाकाबंदी

अमेरिकी सेना की ओर से यह हवाई और नौसैनिक हमले ठीक उसी दिन शुरू किए गए, जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और उसके तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले सभी प्रकार के जहाजों के खिलाफ एक सख्त नाकाबंदी की घोषणा की। यह प्रतिबंधात्मक नाकाबंदी अमेरिकी समयानुसार शाम 4 बजे से पूरी तरह प्रभावी हो चुकी है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब बिना अमेरिकी अनुमति के किसी भी कमर्शियल या अन्य जहाज को ईरानी जल क्षेत्र में आने या वहां से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। इस नाकाबंदी को लागू कराने के लिए अमेरिकी युद्धपोत खाड़ी क्षेत्र में मुस्तैदी से गश्त कर रहे हैं।

ईरानी हमलों का करारा जवाब, 12 नागरिक क्रू मेंबर हुए हताहत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर ने इस कड़े सैन्य कदम को जायज ठहराते हुए कहा कि यह हालिया कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों और पड़ोसी खाड़ी देशों पर ईरान द्वारा किए गए सिलसिलेवार हमलों का एक करारा जवाब है। कमांडर ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पिछले महज सात दिनों के भीतर, ईरानी सेना ने इस समुद्री इलाके में जान-बूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाया और सात कमर्शियल जहाजों पर बर्बर हमले किए। इन हमलों के कारण विभिन्न जहाजों के करीब 12 नागरिक क्रू मेंबर या तो मारे गए हैं, या लापता हैं और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अतिरिक्त, ईरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों की संप्रभुता को चुनौती देते हुए उनकी ओर दर्जनों घातक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन भी दागे हैं, जिसके बाद अमेरिका को यह आक्रामक रुख अपनाना पड़ा।