उज्जैन संभाग में पुलिस की बड़ी सफलता, नीमच में मादक पदार्थ का नाश किया गया
MP News: उज्जैन संभाग के सात जिलों से जब्त किए गए मादक पदार्थों को नष्ट करने की कार्रवाई नीमच में की गई. बता दें कि विनष्टीकरण की कार्रवाई गाइडलाइन के तहत संपन्न कराई जाती है. डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 480 प्रकरणों में करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए थे. सरकार की तरफ से 10 से 25 जनवरी के बीच विनष्टीकरण की स्वीकृति मिल गई थी. आईपीएस अधिकारी की मौजूदगी में 778 क्विंटल डोडा चूरा, 1.79 क्विंटल अफीम, 8.6 क्विंटल गांजा, 2.28 किलोग्राम स्मैक, 7.75 किलोग्राम चरस, 1.778 किलोग्राम एमडी ड्रग्स को जमीन में दफनाया गया.
डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि नष्ट किए गए मादक पदार्थों की कीमत करोड़ों रुपये में है. मादक पदार्थों के विनष्टीकरण की कार्रवाई एक साल में एक बार की जाती है. अधिकारियों ने बताया कि समय-समय पर पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चलाती है. अभियान के दौरान ड्रग्स की खेप बरामद होती है. जब्त किए गए मादक पदार्थों जमीन में प्रक्रिया के तहत दफनाया जाता है. विनष्टीकरण की कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न कराई जाती है.
करोड़ों रुपये का मादक पदार्थ जमीन में दफन
केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार की बनाई गाइडलाइन का विनष्टीकरण के दौरान पालन किया जाता है. रतलाम रेंज के नीमच में मादक पदार्थों को नष्ट किया गया. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की देखरेख में कार्रवाई को अंजाम दिया गया. बता दें कि मालवा का मंदसौर ,नीमच और रतलाम अफीम की खेती के लिए कुख्यात है. अफीक उत्पादन के कारण तस्करी से जुड़े मामले भी आए दिन सामने आते रहते हैं. मादक पदार्थ उज्जैन संभाग के नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, आगर मालवा, देवास और शाजापुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जब्त किए गए थे.
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
'कॉकरोच आंदोलन' समाप्त, राहुल गांधी ने उठाए सवाल; छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार घिरी
'मेरी बात PM तक पहुंची', शरद पवार ने बताई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे की पूरी कहानी
नौकरी का झांसा देकर बनाया बंधक, युवकों की आपबीती ने उड़ा दिए सभी के होश
सरकार के दावे बनाम हकीकत! 12 साल में किन-किन नेताओं ने दिया इस्तीफा?
दमिश्क हाईवे बना हादसे का शिकार, भीषण बस दुर्घटना में 35 की मौत
रालोद को बड़ा झटका, 10 पदाधिकारियों ने एक साथ छोड़ी पार्टी की जिम्मेदारी
सेबाश्रय शिविर घोटाले पर सियासत तेज, CM शुभेंदु ने 'धोखेबाज भतीजे' को ललकारा