ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ को चलने फिरने में परेशानी हो रही है। इस कारण वे ब्रिटिश संसद के सत्र के परंपरागत उद्घाटन के मौके पर मौजूद नहीं रहेंगी। महारानी के महल बकिंघम पैलेस ने सोमवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। बयान में कहा गया है कि 96 वर्षीय एलिजाबेथ ने अपने डॉक्टरों के परामर्श से अनिच्छापूर्वक यह फैसला लिया है। पैलेस की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि महारानी के अनुरोध पर संबंधित प्राधिकारियों ने प्रिंस ऑफ वेल्स को महारानी की ओर से अभिभाषण पढ़ने की सहमति दे दी है। इस मौके पर ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज भी उपस्थिति रहेंगे। 

महारानी का अभिभाषण, ब्रिटिश सरकार द्वारा लिखा जाता है। यह शाही और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। भारत में भी संसद सत्रों के शुभारंभ के मौके पर राष्ट्रपति का अभिभाषण होता है। ब्रिटेन में सत्र का शुभारंभ करना महारानी का एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कर्तव्य है। सत्र की शुरुआत का यह अहम कार्यक्रम होता है। यह महारानी के बगैर नहीं हो सकता। इस बार महारानी एलिजाबेथ ने यह जिम्मेदारी प्रिंस ऑफ वेल्स (प्रिंस चार्ल्स ) और प्रिंस ऑफ कैम्ब्रिज (प्रिंस विलियम ) को दी है। ये दोनों ब्रिटेन के सलाहकार हैं।