बुलंदशहर और अलीगढ़ पुलिस मामले में सहयोग कर रही
बरेली|बरेली में बंधन मुक्त कराए गए ऑटो चालक मनोज वाल्मीकि के दिल की दहशत दो दिन बाद भी दूर नहीं हुई है। उसे अब नत्थू से खतरा सता रहा है। थाने में बैठे मनोज ने अपने और बच्चों के अपहरण की कहानी सुनाई, बताया कि बदमाश उससे कह रहे थे कि तेरी वजह से हमारे सात लाख रुपये फंसे हुए हैं।मनोज ने चिंता जताई कि नत्थू जेल से बाहर आने के बाद उनकी हत्या करवा सकता है। सीबीगंज थाने में प्रिंस नाम का व्यक्ति उसके पास आया और बोला कि उन्हें पहाड़ी वाले मंदिर पर रोज शाम को आना जाना करना है।
मनोज ने बताया कि वह नहीं भांप सके कि इस बुकिंग के पीछे भी कोई गहरी साजिश है। तीन दिन तक प्रिंस रोज उनके साथ आता जाता रहा। शनिवार के दिन उन्हें पूजा पाठ में वक्त लगा। इसके बाद प्रिंस ने लघुशंका करने के लिए कहा। तब मनोज का बेटा मयूर भी लघुशंका की बात कहने लगा।
'तेरी वजह से हमारे सात लाख रुपये फंसे पड़े हैं'
उन्होंने ऑटो किनारे लगाया। इसी दौरान बराबर से काले रंग की बोलेरो आकर रुक गई। बोलेरो से उतरे लोगों ने उनके दोनों बच्चों को कब्जे में ले लिया। कहा कि अगर शोर मचाया तो तेरे दोनों बच्चों को मार देंगे। फिर उन तीनों को इन्होंने बोलेरो में बैठा लिया। मनोज ने अपनी गलती पूंछी तो इन लोगों ने गाली देकर कहा कि तेरी वजह से हमारे सात लाख रुपये फंसे पड़े हैं।
डीआईजी का दावा- यक्ष एप से पहचाने गए हादसे में मरे बदमाश
बरेली। सीबीगंज में बड़ा बाईपास पर हादसे में मारे गए बोलेरो सवार बदमाशों की पहचान पुलिस ने यक्ष एप के जरिये की थी। डीआईजी ने इसका खुलासा कर पुलिसकर्मियों को बदमाशों का ज्यादा से ज्यादा डिजिटल सत्यापन करने का निर्देश दिया है।
तकनीकी आधारित पुलिसिंग को यक्ष एप ने नई दिशा दी है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि हादसे में मृत बदमाश सिकंदर, मनमोहन व अन्य की पहचान नहीं हो पा रही थी। इनके साथ दो बच्चे देखकर पुलिस को आशंका हुई कि ये बदमाश हो सकते हैं। चूंकि बदमाशों के डिजिटल सत्यापन हो चुका था तो इनके चेहरे यक्ष एप पर डालने से इनकी आसानी से पहचान हो गई। इससे पहले चांदी का ब्रेसलेट निगलने वाले चोर सिकंदर की पहचान भी यक्ष एप से संभव हो सकी थी।
बुलंदशहर-अलीगढ़ होकर लाए फिर पट्टी बांधी
मनोज ने बताया कि गुरुग्राम से बदमाश उन्हें बिना पट्टी बांधे लेकर आए। फिर फतेहगंज पश्चिमी टोल के पास आकर उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी। चूंकि वह भी फरीदपुर इलाके के निवासी हैं तो बदमाशों को शक था कि वह रास्ता पहचान सकते हैं। फिर उन्हें मनमोहन के घर में बंद कर दिया। मनोज ने बताया कि पूरे घटनाक्रम के दौरान मनमोहन उनके सामने नहीं आया, क्योंकि वह उसे तुरंत पहचान लेते।
बेटी की तरह रखता था, मनमोहन ने जिंदगी खराब कर दी
मनोज ने बताया कि उनकी बड़ी बहन मनमोहन के पिता नत्थूलाल की पत्नी के रूप में रहती है, जबकि उनके परिवार की एक लड़की को उन्होंने गोद ले रखा था। उसे बेटी की तरह साथ रखते थे। उसका दाखिला भी करा दिया था। मनमोहन को परेशान देखकर घर में रखा तो उसने उनकी बेटी को ही फंसा लिया। उन्हें समझ आया कि मनमोहन व नत्थू उनकी हत्या कराना चाहते थे।
बोलेरो नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज
रविवार को हुए सड़क हादसे में परसाखेड़ा निवासी किसानों साहबजाद खान व मुन्तियाज खान की भी मौत हो गई थी। वह अपनी बाइक से मछली पकड़ने जा रहे थे। मुन्तियाज के बेटे इंत्ययाज खान ने मनमोहन की बोलेरो के नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करा दी। आरोप है कि बोलेरो ने उनके पिता की बाइक को टक्कर मार दी जिससे दोनों की मौत हो गई।
यह था पूरा मामला: पिता और बच्चों की बची जान, अपहरणकर्ताओं की हादसे में मौत
लखनऊ-बरेली हाईवे पर रविवार को हुए हादसे में पांच लोगों की मौत के मामले में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। बोलेरो में बैठे चारों लोग बदमाश थे। इनमें से तीन की मौत हो गई। बोलेरो से मिले दोनों बच्चे गुरुग्राम में रह रहे ऑटो चालक मनोज के हैं। बदमाशों ने मनोज और उसके दोनों बच्चों को अगवा कर लिया था। बच्चों की जान बच गई है। पुलिस ने मनोज को भी बंधनमुक्त करा लिया है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि गुरुग्राम निवासी ऑटो चालक मनोज और उसके दो बेटे मयूर (6) व लक्ष्य (3) शनिवार शाम साढ़े सात बजे लापता हो गए थे। मनोज की पत्नी पूजा ने डीएलएफ फेज-वन थाने में रविवार को उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने बताया कि मनोज शनिवार शाम एक सवारी को छोड़ने के लिए पहाड़ी वाले हनुमान मंदिर गए थे। दोनों बच्चों को भी साथ ले गए थे।
एसपी सिटी के मुताबिक, हादसे में बोलेरो सवार तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। चालक सीट पर मिला प्रिंस और दोनों बच्चे बेहोशी की हालत में थे। प्रिंस को होश आया तो उसके बयान से घटनाक्रम स्पष्ट हो गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फरीदपुर के एक मकान से मनोज को बंधनमुक्त कराया। यह मकान हादसे में जान गंवाने वाले मनमोहन के पिता नत्थूलाल का है। पुलिस ने नत्थूलाल को भी हिरासत में ले लिया। प्रिंस का भी पुलिस की निगरानी में इलाज चल रहा है।
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