मप्र में अब नहीं बिकेगी एक्सपायर खाद्य सामग्री
भोपाल । खाने-पीने की चीजें बनाने वाली सभी लाइसेंस प्राप्त कंपनियों और इम्पोटर्स को साल की हर तिमाही में एक्सपायर या रिजेक्ट हो चुके फूड आइटस की तारीख जमा करानी होगी। अब ऐसे एक्सपायर या रिजेक्टेड प्रोडक्ट्स की रियल-टाइम में मॉनिटरिंग होगी और उन्हें नॉन-ह्यूमन यूज के लिए सेफ तरीके से डिस्पोज या ऑक्शन किया जाएगा। यह फैसला भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने लिया है। इसको लेकर एफएसएसएआई बाकायदा आदेश जारी किया है। एफएसएसएआई का यह कदम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्ता वाले फूड प्रोडक्ट्स मुहैया कराने और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। एफएसएसएआई ने कहा कि इस कदम का मकसद एक्सपायर और रिजेक्टेड फूड प्रोडक्ट्स को री-ब्रांड कर इंसानों के लिए री-सेल करने से रोकना है। एफएसएसएआई के ऐसा करने के पीछे का मकसद एक्सपायर हो चुके फूड आइटम्स को दोबारा बेचने से रोकना है। जारी किए गए आदेश में कहा गया कि अब खाने-पीने की चीजों से संबंधित रिपोर्ट हर तिमाही में एफएसएसएआई के ऑनलाइन अनुपालन पोर्टल फॉसकॉस पर अनिवार्य रूप से जमा करना होगी। यह नियम फूड आइटम्स को री-पैकेट या री-लेबल किए जाने पर भी लागू होगा। एफएसएसएआई का यह नया कानून लागू हो चुका है, इसलिए निर्माणकर्ताओं को जल्दी से जल्दी डेटा जुटाना होगा, ताकि वे जल्दी अपनी रिपोर्ट जमा करा सकें और इसकी समीक्षा हो सके।
कंपनियों को देनी होगी तीन बिंदुओं में जानकारी
एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों से तीन मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी है। इसके तहत कंपनियों को उन उत्पादों की मात्रा की जानकारी देनी होगी, जो आंतरिक गुणवत्ता की जांच में विफल हो गए हैं। इसके अलावा खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से एक्सपायर या वापस लौटे उत्पादों का विवरण भी साझा करना अनिवार्य होगा। साथ में खराब या अनुपयोगी उत्पादों के निस्तारण की प्रक्रिया और उसका पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराना होगा। इस पहल का उद्देश्य उपभोताओं तक बेहतर गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना है। एफएसएसएआई ने कहा कि खराब और अस्वीकृत खाद्य उत्पादों को कैसे निपटाया जाए, इस पर ध्यान देना जरूरी है। इनमें नष्ट करना, नीलामी करना या किसी और तरीके से उपयोग करना शामिल है। साथ में इन उत्पादों को खरीदने वाले खरीदारों और कचरा निपटाने वाली एजेंसियों की जानकारी भी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से देनी होगी।
200 साल की हिंदी पत्रकारिता का जश्न, CM योगी ने दिया संदेश
घबराकर गैस बुकिंग या स्टॉक करने कि जरुरत नहीं, मध्यप्रदेश में ऑयल कंपनियों द्वारा ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति जारी
लोकतंत्र और जनहित के लिए प्रियंका गांधी ने सच सामने लाने की बात कही
हिमाचल राजनीति गरमाई: जयराम ठाकुर बोले—कांग्रेस को जड़ से खत्म करेंगे
भोपाल में सुरक्षा बलों का जलवा: NSG के हैरतअंगेज करतब, सीएम मोहन यादव ने सराहा
LPG संकट पर राहुल गांधी का बयान: पीएम मोदी के पास कोई रणनीति नहीं, कोविड जैसी अराजकता
दिल दहला देने वाली घटना: संसाधनों की कमी में टायर-कपड़ों से किया गया अंतिम संस्कार
टीवीके नेता विजय ने चुनावी रैली कैंसिल की, पुलिस पाबंदियों और समय की कमी बनी वजह
सोने की तस्करी पर कड़ा रुख, एनडीए आने पर आरोपियों को जल्द जेल भेजेंगे: अमित शाह
हेट स्पीच विवाद: बंगाल चुनाव से पहले BJP और TMC ने चुनाव आयोग में दर्ज कराए शिकायतें