बिहार में छप रहीं थी एनसीईआरटी की नकली पुस्तकें, पुलिस ने मारा छापा
पटना। बिहार में दो प्रिंटिंग प्रेस से एनसीईआरटी पुस्तकों के नकली छपाई व भंडारण का मामला उजागर हुआ है। एनसीईआरटी के क्षेत्रीय कार्यालय के मार्केटिंग प्रतिनिधि के साथ दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी ने दोनों प्रिंटिंग प्रेस में छापेमारी कर कई कक्षाओं की पुस्तकें जब्त की हैं। पुलिस ने दोनों प्रिंटिंग प्रेस को सील कर दिया है। प्रिंटिंग प्रेस संचालक वहां से फरार हो गए हैं। इनमें एक प्रिंटिंग प्रेस के मालिक विजय कुमार और दूसरे प्रेस के मालिक कमलेश सिंह शामिल हैं।
दो प्रिंटिंग प्रेस को किया सील, दोनों प्रेस के संचालक फरार
बताया जा रहा है कि दोनों प्रिंटिंग प्रेस से 11वीं कक्षा के जीव विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं कक्षा छह के सामाजिक विज्ञान की एक-एक प्रति जांच के लिए भेजी जा रही हैं। कंपनी के मार्केटिंग प्रतिनिधि ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उल्लेख किया है कि नकली पुस्तक की छपाई, भंडारण व ब्रिकी से भारत सरकार को आर्थिक क्षति और सरकार की एजेंसी की साख खराब हुई है। थाना अध्यक्ष राजेश कुमार झा ने बताया कि कापी राइट एक्ट के उल्लंघन समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस छापामारी कर रही है।
बड़ी संख्या में नकली मुद्रित पुस्तकों का भंडार मिला
एनसीईआरटी के क्षेत्रीय केंद्र कोलकाता के मार्केटिंग प्रतिनिधि रवि नारायण त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिली थी कि पटना में एनसीईआरटी की नकली पुस्तकों की छपाई कर बाजार में बेची जा रही हैं। यहां छापेमारी में बड़ी संख्या में एनसीईआरटी की 11वीं की नकली मुद्रित पुस्तकों का भंडार मिला है। यहां से छापामारी दल कमलेश सिंह के प्रिंटिंग प्रेस में पहुंचा। यहां से बड़ी संख्या में एनसीईआरटी की कक्षा छह नकली मुद्रित व भंडारित पुस्तकें बरामद की हैं।
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