नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए एक ताजा चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से आगामी कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग क्षेत्रों में मानसूनी हवाएं और बारिश का दौर देखने को मिलेगा। जहां पहाड़ी इलाकों और मैदानी भागों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। हालांकि, इस राहत के बीच विदर्भ और तेलंगाना के निवासियों को अभी भी भीषण लू का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने स्थिति को भांपते हुए 18 से 20 जून तक के लिए विशेष अलर्ट जारी कर दिया है।

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में धूल भरी आंधी और बारिश का अंदेशा

आगामी 18 से 20 जून के बीच दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में शुरुआती दो दिनों में और उत्तराखंड में आखिरी दो दिनों में तेज अंधड़ चलने, आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। इसी दौरान पश्चिमी राजस्थान के मैदानी इलाकों में लोगों को धूल भरी आंधियों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में इस अवधि में गरज-चमक के साथ बौछारें गिरेंगी, और 20 जून को विशेष रूप से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात होने का डर बना हुआ है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश का कहर

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए मौसम विभाग का अनुमान काफी चिंता बढ़ाने वाला है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सहित उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में लगातार तीन दिनों तक पानी बरसने की संभावना है। झारखंड, बिहार और ओडिशा में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है। विशेष रूप से बिहार, सिक्किम और बंगाल के कुछ इलाकों में इन तीन दिनों के दौरान इतनी भारी बारिश हो सकती है जो आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर देगी। यही स्थिति पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी देखने को मिलेगी, जहां लगातार होने वाली भारी वर्षा के कारण पहाड़ों पर भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

पश्चिमी और दक्षिणी तटों पर भारी वर्षा और मछुआरों को चेतावनी

देश के पश्चिमी हिस्से यानी गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में भी मानसून की सक्रियता के चलते हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी, जबकि कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश का दौर भी आ सकता है। इन राज्यों में तटीय हवाएं काफी तेज चलने की उम्मीद है। वहीं दूसरी तरफ, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां अपने चरम पर होंगी। केरल, माहे, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के विस्तृत इलाकों में बेहद भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है। इसके साथ ही तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम विभाग ने आंधी-पानी की संभावना जताई है। समुद्र में उठने वाली तीव्र लहरों और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने और गहरे समंदर में न जाने की सख्त हिदायत दी है।