लखनऊ में ओवरचार्जिंग से लोकल गैजेट ब्लास्ट, युवक की मौत
लखनऊ: मोबाइल फोन या उससे जुड़े इक्विपमेंट चार्जिंग पर लगाकर छोड़ देते हैं, तो यह घातक हो सकता है। ओवर चार्जिंग से आपके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की बैट्री को नुकसान पहुंच सकता है। यही नहीं अगर पैसे बचाने के चक्कर में नॉन ब्राडेंड उपकरण खरीदकर इस्तेमाल करते हैं, तो यह भी जानलेवा हो सकता है।इंदिरानगर सेक्टर-17 में मंगलवार रात संदिग्ध हालात में नेकबैंड ब्लास्ट होने से आशीष (27) की मौत हो गई। आशीष मोबाइल फोन का ब्लूट्रुथ कनेक्ट कर नैकबैंड के जरिए देर तक बात करता रहा। इसी दौरान नेकबैंड में ब्लास्ट हो गया था। मोबाइल सर्विस सेंटर के एक्सपर्ट रेहान अहमद ने बताया कि मोबाइल फोन या उससे जुड़े इक्विपमेंट की बैट्री ब्लास्ट होने या फिर खराब होने का मुख्य कारण ओवरचार्जिंग होता है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ कंपनी बुकलेट देती है, जिसमें उपकरणों को इस्तेमाल करने और चार्ज करने के इंस्ट्रक्शन लिखे होते हैं। अमूमन लोग इंस्ट्रक्शन बुक पढ़ते ही नहीं हैं।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को कितनी देर चार्ज और कैसे इस्तेमाल करना है, यह सब बुकलेट में लिखा होता है, जबकि आमतौर पर लोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को घंटों चार्जिंग पर लगाए रखते हैं, जिससे बैट्री खराब और फूल जाती है। इससे मोबाइल फोन या अन्य उपकरण इस्तेमाल करते समय हीट होकर उनकी बैट्री में ब्लास्ट होने के चांस बढ़ जाते हैं।
उन्होंने बताया कि मार्केट में 90 से 3 हजार रुपये तक के नेक बैंड और इयर बड्स मिल रहे हैं। लोकल कंपनी के नेक बैंड और इयर बड्स में घटिया क्वॉलिटी के कंपोनेन्ट्स लगे होते हैं। इनमें 120 से 180 एमएच की बैट्री लगी होती है, जबकि ब्रांडेड कंपनी के इयर बड्स और नेक बैंड में 200 एमएच की बैट्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा लोकल क्वॉलिटी के नेक बैंड और इयर बड्स में नॉन आईसी पावर की सप्लाई होती है। इस तरह के इलेक्ट्रॉनिक गजट जल्द ही हीट होते हैं, जिसकी वजह से उपकरण में लगे इक्विपमेंट पिघलने लगते हैं।निगेटिव और पॉजिटिव वायर आपस में जुड़ने से बैट्री ब्लास्ट हो जाती है। एक्सपर्ट का मानना है कि ब्रांडेड कंपनी के ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल करना चाहिए।
15 वॉट के चार्जर से करें चार्ज
मोबाइल फोन को जल्द चार्ज करने के लिए ब्रांडेड कंपनियों ने 125 वॉट के हैवी चार्जर मार्केट में लांच कर दिए हैं। इयर बड्स और नेक बैंड को जल्द चार्ज करने के लिए लोग हैवी एम्पियर के चार्जर इस्तेमाल करते हैं, जिससे बैट्री खराब होकर जल्द ही हीट करने लगती है।
एक्सपर्ट ने बताया कि 15 वॉट के चार्जर से इयर बड्स और नेक बैंड चार्ज करें। हीट करने पर बैट्री चेक करवाएं या फिर बदलवाएं। इसके अलावा अगर बैट्री चार्ज करने की समय सीमा एक घंटा हो तो, 45 मिनट ही बैट्री चार्ज करें। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को कभी फुल चार्ज करने से बचें।
चाइनीज माल में देशी ठप्पा
नाका मार्केट के मोबाइल विक्रेता अभिनव ने बताया कि मार्केट में सस्ते दामों में मोबाइल से जुड़े उपकरण मिल रहे हैं। ये उपकरण बीआईएस एप्रूव्ड नहीं होते है और न ही इनकी गारंटी होती है। उन्होंने बताया कि दिल्ली और मुंबई के व्यापारी होल सेल में चाइनीज माल खरीदते हैं। लोकल कंपनी का ठप्पा लगाकर मार्केट में बेचा जा रहा है। व्यापारी पवन मनोचा ने बताया कि चाइनीज उपकरणों में लगे इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट का कोई पैरामीटर नहीं होता है, घटिया क्वॉलिटी के कंपोनेन्ट्स, सर्किट लगे होते हैं। सर्किट फेल होने से बैट्री ब्लॉस्ट होने की संभावना बढ़ जाती है।
ज्यादा देर कान में न लगाएं बड्स
मोबाइल रिपेयरिंग एक्सपर्ट रेहान अहमद ने बताया कि ईयर बड्स का टेम्प्रेचर 30 से 45 डिग्री सेंटीग्रेट, जबकि हमारे स्वस्थ शरीर का टेम्प्रेचर 96 डिग्री फेरेनहाइट होता है। लगातार कान में लगाने से बड्स हीट हो जाते हैं। घंटों मूवी देखने या गाना सुनने और बात करने पर बड्स के ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि गारंटी पीरियड के बाद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के ब्लास्ट होने और खराब होने कंपनी भी जिम्मेदार नहीं होती। गारंटी पीरियड खत्म होते ही बैट्री चेक करवाए, या चेंज करवा लें।
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