तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़, विजय सरकार ने फ्लोर टेस्ट किया पास
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार आज विधानसभा में अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए 'फ्लोर टेस्ट' का सामना कर रही है। राजनीतिक समीकरणों को देखें तो विजय सरकार की स्थिति फिलहाल मजबूत नजर आ रही है। उन्हें VCK, CPI (M), IUML और कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों का साथ मिला है। इसके साथ ही, AMMK से निष्कासित एकमात्र विधायक एस. कामराज ने भी पाला बदलकर सरकार के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया है, जिससे सत्ता पक्ष का खेमा और अधिक उत्साहित है।
बहुमत के जादुई आंकड़े से 4 कदम आगे निकली TVK
234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए किसी भी दल को 118 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय के पास अब कुल 122 विधायकों का समर्थन जुट गया है, जो बहुमत के आंकड़े से 4 अधिक है। गौरतलब है कि TVK के पास अपने 107 विधायक हैं। मुख्यमंत्री विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीते थे, लेकिन संवैधानिक नियमों के तहत उन्होंने एक सीट से इस्तीफा दे दिया है। सहयोगी दलों के समर्थन ने विजय को उस सुरक्षित दायरे में पहुंचा दिया है, जहां उनकी सरकार पर मंडरा रहा खतरा फिलहाल कम होता दिखाई दे रहा है।
AIADMK में फूट की चर्चा और व्हिप का डर
फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले प्रमुख विपक्षी दल AIADMK के भीतर बड़ी टूट की खबरें सुर्खियों में हैं। चर्चा है कि पार्टी के 30 विधायकों का एक असंतुष्ट गुट मुख्यमंत्री विजय को समर्थन दे सकता है। इस संभावित बगावत को रोकने के लिए AIADMK नेतृत्व ने आनन-फानन में अपने सभी 47 विधायकों के लिए 'व्हिप' जारी किया है। पार्टी के सख्त निर्देश हैं कि सभी विधायक TVK सरकार के खिलाफ मतदान करें। चेतावनी दी गई है कि जो भी विधायक पार्टी लाइन से बाहर जाकर वोट करेगा, उसकी सदस्यता रद्द करने जैसी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दो गुटों में बंटी पार्टी और पलानीस्वामी का दावा
विपक्ष में इस वक्त नेतृत्व को लेकर खींचतान साफ दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि AIADMK वर्तमान में एडप्पादी के. पलानीस्वामी और सीवी षणमुगम के दो अलग-अलग गुटों में बंट चुकी है। हालांकि, पलानीस्वामी के करीबी नेताओं ने इन खबरों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सभी विधायक एकजुट हैं और अंतिम फैसला पलानीस्वामी ही लेंगे। विपक्ष का दावा है कि बहुमत उनके पक्ष में है और विजय सरकार को गिराने के लिए उनकी रणनीति तैयार है। अब सबकी नजरें विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां अगले कुछ घंटों में तमिलनाडु की सत्ता का भविष्य तय हो जाएगा।
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