नए अवसर: Trent की जगह कौन सा स्टॉक कर सकता है उभार?
मुंबई। घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स 'बीएसई सेंसेक्स-30' (BSE Sensex 30) में जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। वित्तीय विश्लेषक फर्म नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, आगामी जून 2026 के इंडेक्स रिव्यू (रीजिग) में टाटा समूह की दिग्गज कंपनी 'ट्रेंट' (Trent) को सेंसेक्स से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। यह अनुमान ट्रेंट के शेयरों में आई हालिया भारी गिरावट और उसके फ्री-फ्लोट मार्केट कैप में कमी के आधार पर लगाया गया है।
ट्रेंट को लगेगा झटका, $25.7 करोड़ की पूंजी बाहर निकलने की आशंका
शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से ट्रेंट के शेयरों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। अक्टूबर 2024 में ₹8,345 के अपने ऑल-टाइम हाई स्तर को छूने के बाद से कंपनी का शेयर 50% से अधिक टूट चुका है। शेयरों में इस भारी बिकवाली के कारण ट्रेंट का मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) भी ₹2 लाख करोड़ के स्तर से नीचे फिसलकर ₹1.4 लाख करोड़ पर आ गया है। जानकारों का मानना है कि यदि ट्रेंट सेंसेक्स से बाहर होता है, तो इससे कंपनी से लगभग $25.7 करोड़ (करीब 2,100 करोड़ रुपये) का पैसिव आउटफ्लो (पूंजी की निकासी) हो सकता है।
सेंसेक्स में एंट्री के लिए हिंडालको और श्रीराम फाइनेंस के बीच मुकाबला
इंडेक्स से ट्रेंट की विदाई के बाद उसकी जगह लेने के लिए आदित्य बिड़ला ग्रुप की 'हिंडालको इंडस्ट्रीज' (Hindalco Industries) और 'श्रीराम फाइनेंस' (Shriram Finance) प्रमुख दावेदार बनकर उभरी हैं। हालांकि फ्री-मार्केट कैप के लिहाज से रेस में श्रीराम फाइनेंस थोड़ा आगे चल रही है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि हिंडालको इंडस्ट्रीज की एंट्री की संभावना अधिक है। ऐसा इसलिए क्योंकि इंडेक्स कमेटी हमेशा विभिन्न सेक्टर्स के व्यापक प्रतिनिधित्व (Broader Sectoral Representation) को प्राथमिकता देती है। अगर हिंडालको शामिल होती है तो उसमें $36.6 करोड़ और श्रीराम फाइनेंस के आने पर $44.5 करोड़ का पैसिव इनफ्लो (नया निवेश) आ सकता है।
ट्रेंट के शेयरों में एक साल के दौरान रिकॉर्ड गिरावट
अगर बीते एक साल में कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो टाटा ग्रुप के ट्रेंट के लिए यह समय काफी निराशाजनक रहा है। पिछले साल 30 जून 2025 को बीएसई पर ट्रेंट का शेयर ₹6,259.00 के एक साल के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा था। लेकिन महज 9 महीनों के भीतर इसमें करीब 47.66% की भारी गिरावट दर्ज की गई और 30 मार्च 2026 तक यह टूटकर अपने एक साल के निचले स्तर ₹3,276.10 पर पहुंच गया।
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