गाजा को हाई-टेक मेगासिटी में बदलने की योजना
गाजा। पिछले 23 महीनों से इजराइली हमलों के चलते गाजा पट्टी पूरी तरह से तबाह हो गई है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की गाजा को दुबई जैसा टूरिस्ट और फाइनेंशियल स्पॉट बनाने की योजना सामने आई है। एक 38 पेज की सरकारी दस्तावेज में गाजा को हाई-टेक मेगासिटी में बदलने की योजना का जिक्र है। इस योजना को गाजा रीकंस्ट्रक्शन, इकोनॉमिक एक्सेलरेशन एंड ट्रांसफॉर्मेशनल ट्रस्ट नाम दिया गया है।
इसे करीब 9 लाख करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। ट्रम्प इन इमारतों को ऊंचे दामों पर बेचेंगे। वहीं, इसके लिए 20 लाख लोगों को निकाला जाएगा, जिन्हें शहर छोडऩे के बदले 4 लाख रुपए और बसने के लिए 4 साल तक का किराया दिया जाएगा। साथ ही एक साल तक फ्री भोजन भी देने की बात कही गई है। योजना में गाजा को सऊदी अरब के नियोम प्रोजेक्ट की तर्ज पर 8एआई-संचालित मेगासिटी और एक एलन मस्क मैन्युफैक्चरिंग पार्क में बदलने की बात है, जो पहले इजराइल के नष्ट किए गए ईरेज औद्योगिक क्षेत्र पर बनेगा। गाजा की सीमा के पास की कृषि भूमि को इजराइल के लिए सुरक्षा बफर जोन में बदला जाएगा।
ये नरसंहार की साजिश
दस्तावेज में ट्रम्प, एलन मस्क और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का जिक्र है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों और एक्सपट्र्स ने इसे गाजा से लोगों को निकालने और नरसंहार की साजिश करार दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक गाजा से लोगों को निकाल कर मिस्र, कतर जैसे देशों में रखा जाएगा या फिर फिलिस्तीन के ही किसी एक क्षेत्र में रखा जाएगा। इन लोगों को तब तक गाजा से बाहर रहना होगा, जब तक इलाके का पुनर्विकास नहीं हो जाता। जमीन मालिकों को उनकी संपत्ति के बदले डिजिटल टोकन दिए जाएंगे, जबकि रहने वालों को 323 वर्ग फीट के छोटे घरों में रहना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक जितने लोग गाजा छोड़ेंगे, निवेश उतना घटेगा। हर 1 प्रतिशत आबादी के विस्थापन से 40 हजार करोड़ रुपए बचेंगे। गाजा योजना में ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर और पूर्व ब्रिटिश पीएम टोनी ब्लेयर की भूमिका अहम है। कुशनर पहले भी गाजा के वॉटरफ्रंट को मूल्यवान संपत्ति बताते रहे हैं।
भारी मुनाफा कमाने की योजना
गाजा को 10 सालों तक अमेरिकी ट्रस्टीशिप के तहत चलाया जाएगा। रिपोर्ट में इस योजना के पीछे का मकसद भारी मुनाफा कमाना है। यह योजना कुछ इजराइली विशेषज्ञों और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के विशेषज्ञों ने तैयार की है। इसमें इजराइली-अमेरिकी उद्यमी माइकल आइजेनबर्ग और लिरन टैंकमैन का नाम है। इन्होंने गाजा में एक ग्रेट ट्रस्ट नामक संस्था की स्थापना का सुझाव दिया है। इसके जरिए गाजा पट्टी को पहले हमास मुक्त करने और फिर धीरे-धीरे अमेरिकी नियंत्रण में स्मार्ट सिटी और आर्थिक जोन में बदलने की तैयारी है। हालांकि, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप ने कहा कि यह दस्तावेज उनकी मंजूरी के बिना तैयार किया गया और इस पर काम करने वाले दो वरिष्ठ एक्सपट्र्स को निकाल दिया गया है। व्हाइट हाउस या अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने इस योजना की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। लेकिन यह योजना ट्रम्प के पुराने बयानों से मिलती है जिसमें उन्होंने गाजा को साफ करने और उसे दोबारा बसाने की बता कही थी।
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