बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर फिर बवाल, BJP और TMC में टकराव
मध्यग्राम : पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा घटनाक्रम में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने काफी दूर तक उनकी कार का पीछा किया और फिर मौका पाकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। लहूलुहान हालत में उन्हें तुरंत नजदीकी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे बारासत क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
भाजपा का तृणमूल पर तीखा हमला और साजिश का आरोप
भारतीय जनता पार्टी ने इस हत्याकांड के लिए सीधे तौर पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा नेताओं का दावा है कि भवानीपुर चुनाव में ममता बनर्जी की हार से बौखलाई तृणमूल कांग्रेस अब प्रतिशोध की राजनीति पर उतर आई है। पार्टी विधायक कौस्तव बागची और तरुणज्योति तिवारी ने इसे एक सोची-समझी राजनीतिक हत्या करार देते हुए चेतावनी दी है कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि चंद्रनाथ रथ ने शुभेंदु अधिकारी की जीत में अहम भूमिका निभाई थी, इसीलिए उन्हें सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया है।
तृणमूल कांग्रेस की सफाई और सीबीआई जांच की मांग
दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए घटना की निंदा की है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग उठा दी है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि वे किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करते और इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। टीएमसी सांसद सयानी घोष ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि अपराधियों का कोई राजनीतिक दल नहीं होता और पुलिस को हर हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही पार्टी ने पिछले कुछ दिनों में अपने भी कार्यकर्ताओं की हत्या का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर पलटवार किया है।
फर्जी नंबर प्लेट और पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से हमलावरों की तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट फर्जी थी, जो मूल रूप से सिलीगुड़ी की किसी अन्य गाड़ी की है। घटनास्थल से पुलिस ने कारतूस के खोखे और कुछ जिंदा राउंड भी बरामद किए हैं। पुलिस फिलहाल इलाके के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के मार्ग का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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