राहुल गांधी को ज़मीनी सच्चाई की समझ आ गई - मुमताज़ पटेल
नई दिल्ली । राहुल गांधी के बयान पर अहमद पटेल की बेटी और कांग्रेस नेता मुमताज़ पटेल ने कहा कि मुझे पार्टी में कोई पद नहीं मिला है। न पीसीसी में, न कहीं और। मेरा कोई रोल था नहीं, इसलिए मैं दिल्ली में हूं। राहुल गांधी के भाषण से हिम्मत मिलती है कि खुल कर बोल सकें। ऐसे बहुत लोग बैठे हैं पार्टी में, जो मेरे जैसे कार्यकर्ताओं को रोकते हैं अपने निजी स्वार्थों की वजह से। जिसके चलते पार्टी कमज़ोर ही होती है। उम्मीद करती हूं कि राहुल गांधी को ज़मीनी सच्चाई की समझ आ गई है।
मुमताज़ पटेल ने कहा कि इसलिए मैं भी हिम्मत करके बोल रही हूं कि हम भी पार्टी में हैं। पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं, लेकिन मौक़ा नहीं मिलता। ऐसे बहुत लोग हैं, जो बीजेपी के लिए काम करते हैं। पिछले 30 सालों से सरकार में नहीं हैं तो कैसे उन लोगों का काम चल रहा है। उम्मीद करती हूं कि कुछ न कुछ बड़ा बदलाव आएगा और आज महिला दिवस पर कहना चाहती हूं राहुल गांधी से कि महिलाओं को मौक़ा दीजिए।
अहमद पटेल की बेटी ने कहा कि मुझे लगता है राहुल गांधी को अबतक सही फीडबैक नहीं मिलता था, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं कर पाते थे। आपको बता दें कि आज अहमदाबाद में राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात में पार्टी में दो तरह के लोग हैं। एक वो जो पार्टी का सम्मान करते हैं, उसकी विचारधारा पर चलते हैं और एक वो, जो बीजेपी के लिए काम करते हैं। ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर भी निकलना पड़े तो निकाल देना चाहिए। राहुल गांधीने ये भी कहा कि कांग्रेस पार्टी गुजरात के लोगों को रास्ता नहीं दिखा पाई है, इसलिए लोगों का समर्थन नहीं मिल पाया।
महंगाई की मार जारी, वित्त वर्ष के पहले दिन महंगा हुआ LPG सिलेंडर
देश की तरक्की की कामना: महाकालेश्वर मंदिर में अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने की पूजा
लाड़ली बहना योजना: अप्रैल के पहले 10 दिनों में आ सकते हैं ₹1500, बड़ा अपडेट
चेहरे के लिए नहीं, घर के लिए भी: मुल्तानी मिट्टी से नेगेटिव एनर्जी भगाने का असरदार उपाय
अपनेपन से भरा प्रेम ही दिलों को जोड़ता है
नीचभंग राजयोग का असर: 11 अप्रैल से इन 3 राशियों पर बरसेगा पैसा और सफलता
हनुमान जयंती स्पेशल: इन उपायों से मिलेगी बजरंगबली की कृपा और संकटों से मुक्ति
1 अप्रैल 2026 राशिफल: किस पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी, किसके सामने आएंगी चुनौतियां?