'हीरामंडी' की 'आलमजेब' की ट्रोलिंग पर शर्मिन सहगल ने तोड़ी चुप्पी, कहा
संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी वेब सीरीज 'हीरामंडी' को रिलीज हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है। इस सीरीज को दर्शकों ने काफी पसंद किया और इसमें नजर आए कई स्टार्स के अभिनय की भी जमकर तारीफ भी हुई। हालांकि, डायरेक्टर की भांजी और एक्ट्रेस शर्मिन सहगल को लोगों ने काफी ट्रोल किया।
यहां तक कि ट्रोलिंग से परेशान होकर एक्ट्रेस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल इंस्टाग्राम का कमेंट सेक्शन तक ऑफ कर दिया। अब एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने अपने ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की है।
ट्रोलिंग को लेकर क्या बोलीं 'आलमजेब'
शर्मिन सहगल ने कहा कि लास्ट में दर्शक ही राजा होते हैं और एक क्रिएटिव इंसान के तौर पर इसे स्वीकार करना बहुत जरूरी है। उन्हें अपनी राय रखने का अधिकार है। फिर चाहे वह पॉजिटिव हो या नेगेटिव। यही एक चीज है, जो मुझे नजरिया देती है और मुझे ठीक रहने देती है।
किरदार को दिया सब कुछ
इसके आगे बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि पॉजिटिव रिएक्शन उतने ही थे, जितने नेगेटिव। फिर भी बाद वाले पर ज्यादा फोकस किया गया। मैंने आलमजेब के किरदार को अपना सब कुछ दिया था। हम नेगेटिव बातों पर ध्यान देते हैं, लेकिन बहुत सारी पॉजिटिव बातें भी हैं, जिनके बारे में हम बात नहीं करते। शायद पॉजिटिव बातों के बारे में बात करना उतना दिलचस्प नहीं है और हम कुछ हद तक उन्हें अनदेखा कर देते हैं।
ट्रोलिंग के बाद अब लिए ये फैसला
हीरामंडी की आलमजेब ने बताया कि ट्रोलिंग के बाद उन्होंने इस किरदार से होने वाली सभी बातचीत से दूर रहने का फैसला किया, लेकिन अब कुछ हफ्ते पहले उन्होंने सब कुछ पढ़ने का फैसला किया है। एक्ट्रेस ने कहा कि एक समय था जब मैं इन चीजों से दूर थी और इस पर ध्यान नहीं दे रही थी।
फिर मुझे एहसास हुआ कि इसकी वजह से मैं बहुत सारा प्यार खो रही हूं, जो मुझे मिल रहा है। इसलिए अब मैंने इस पर ध्यान देने का फैसला किया है।
Raipur: रायपुर वासियों को मिलेगी ट्रैफिक से मुक्ति, इन जगहों पर होगा फ्लाईओवर का निर्माण
CG High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलने के बाद अलर्ट मोड पर सुरक्षा एजेंसियां
20 हजार छात्रों को मिलेंगे टैबलेट, पढ़ाई होगी स्मार्ट
शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में संक्रमण के मामले सामने आए
हेरिटेज कॉन्फ्लिक्ट कोर्स के विद्यार्थियों को भी मिला अवसर
पुडुचेरी में चुनावी समीक्षा बैठक, आयोग की व्यवस्थाओं पर फोकस
न्यायपालिका पर टिप्पणी से नाराज CJI, कहा- संस्थाओं की गरिमा जरूरी