नए आपराधिक कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
तीन नए आपराधिक कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में दावा किया गया है कि नए आपराधिक कानूनों में कई विसंगतियां हैं। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पंकज मित्तल की अवकाश पीठ याचिका पर सुनवाई करेगी।सुप्रीम कोर्ट में तीन नए आपराधिक कानूनों के खिलाफ वकील विशाल तिवारी ने याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि नए आपराधिक कानूनों को लागू करने से रोक की मांग की गई है। आरोप है कि इन कानूनों पर संसद में बहस नहीं हुई और जब विपक्षी सांसद निलंबित थे, तब इन कानूनों को संसद से पास करा लिया गया था। याचिका में मांग की गई है कि विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाए, जो आपराधिक कानूनों की व्यावहारिकता की जांच करे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नए आपराधिक कानून कहीं अधिक कठोर हैं और इससे देश में पुलिस का राज स्थापित हो जाएगा। ये कानून देश के लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। ये कानून अंग्रेजी कानूनों से भी ज्यादा कठोर हैं। पुराने कानूनों में किसी व्यक्ति को 15 दिनों तक पुलिस हिरासत में रखने का प्रावधान है, लेकिन नए कानूनों में यह सीमा बढ़ाकर 90 दिन कर दी गई है।
रेल में वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़, अटेंडेंट की मदद से ले जाए जा रहे थे 311 कछुए
कृषक ग्राम सभाओं में किसानों को दी जा रही है उन्नत खेती की जानकारी
ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित कॉरिडोर में मानव जीवन के लिए घातक निर्माण हटाए
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ढेरा में विश्वेश्वरनाथ मंदिर में किया भगवान शिव का अभिषेक
सम्राट विक्रमादित्य की नगरी उज्जैनी बना रही है नए कीर्तिमान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर जोर: केरल सरकार 6 लाख पेरेंट्स को सिखाएगी AI
आगर मालवा में अफवाह ने भड़काई हिंसा, बच्चा चोरी के शक में महिला से मारपीट
सुरक्षा को नई ताकत: मेरठ में तैयार होगा देश का पहला ड्रोन रनवे
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव के हेलीकॉप्टर में तकनीकी गड़बड़ी, पायलट की सूझबूझ से सुरक्षित लैंडिंग
किसानों के लिए बड़ी पहल: हर खेत को मिलेगा अपना ‘आधार’, रिकॉर्ड होगा पूरी तरह डिजिटल