बावी के प्रचंड रूप से खतरा, तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ी
वॉशिंगटन। प्रशांत महासागर क्षेत्र में स्थित अमेरिकी भूभाग गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह पर 'सुपर टाइफून बावी' (Super Typhoon Bavi) का भीषण खतरा मंडरा रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, यह साल 2026 का दूसरा सबसे विनाशकारी तूफान है, जो इस इलाके में भारी तबाही मचा सकता है। वर्तमान में यह चक्रवात बेहद तेजी के साथ टिनियन और रोता द्वीपों की तरफ अग्रसर है। तूफान के केंद्र में हवाओं की अधिकतम रफ्तार लगभग 280 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई है, जिसकी वजह से इसे सैफिर-सिम्पसन स्केल पर सबसे खतरनाक यानी 'कैटेगरी-5' के तूफान के रूप में वर्गीकृत किया गया है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसियों के अनुसार, इस सुपर टाइफून का मुख्य केंद्र टिनियन और रोता द्वीपों के ठीक बीच से होकर गुजरने की संभावना है। विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि समंदर का अनुकूल तापमान और परिस्थितियां इस तूफान को तट से टकराने से पहले और ज्यादा आक्रामक बना सकती हैं। इसके असर से अत्यंत तीव्र हवाओं के साथ समुद्र में गगनचुंबी लहरें उठने, मूसलाधार बारिश होने और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की चेतावनी दी गई है।
सुरक्षित ठिकानों पर जाने की अपील और अलर्ट जारी
खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से घरों के भीतर रहने और बिना किसी बेहद जरूरी काम के बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है। उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह के अधिकारियों ने जनता से आपातकालीन सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने और तूफान के गुजरने तक मजबूत कंक्रीट की इमारतों या सरकारी राहत शिविरों में शरण लेने को कहा है। किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटने और जान-माल की रक्षा के लिए सभी राहत व बचाव दलों (रेस्क्यू एजेंसियों) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषित की आपातकालीन आपदा
हालात की संवेदनशीलता और भयावहता को भांपते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह के लिए पहले ही 'आपातकालीन आपदा घोषणा' को अपनी मंजूरी दे दी है। व्हाइट हाउस के इस कदम के बाद अब फेडरल (संघीय) एजेंसियों के लिए प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, वित्तीय संसाधन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी हर जरूरी मदद को बिना किसी देरी के तुरंत पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है।
ताइवान की ओर बढ़ने की आशंका और पुराना घाव
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ताइवान पर भी खतरा: मौसम विभाग का आकलन है कि उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह को अपनी चपेट में लेने के बाद सुपर टाइफून बावी पश्चिम दिशा की ओर मुड़ जाएगा। अनुमान है कि अगले वीकेंड (सप्ताहांत) तक यह ताइवान के तटीय क्षेत्रों तक दस्तक दे सकता है। हालांकि, वहां पहुंचते-पहुंचते इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी होकर लगभग 204 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएगी, लेकिन इसके बावजूद यह 'कैटेगरी-3' के एक बेहद गंभीर चक्रवात के रूप में सक्रिय रहेगा।
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अप्रैल की तबाही का खौफ: ध्यान देने वाली बात यह है कि इसी साल अप्रैल के महीने में आए 'सुपर टाइफून सिनलाकू' ने भी उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह में भयंकर तबाही का मंजर पैदा किया था। उस दौरान हफ्तों तक बिजली गुल रही थी और जल प्रणालियां ठप होने के कारण लोगों को पानी उबालकर पीने की एडवाइजरी जारी की गई थी। पुरानी आपदा के कड़वे अनुभवों को देखते हुए प्रशासन इस बार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता और पहले से ही मुस्तैद है।
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