नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरण्डा गांव में धर्म परिवर्तन के आरोपों को लेकर जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि 'प्रेस' लिखी एक चारपहिया गाड़ी में सवार होकर कुछ लोग गांव पहुंचे थे, जो स्थानीय आदिवासी समुदाय के सीधे-साधे लोगों को बहला-फुसलाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसा रहे थे। इस बात की भनक लगते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए।

आदिवासियों और मतांतरित गुट में जमकर हुई मारपीट, सड़क जाम

देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि आदिवासी ग्रामीणों और मतांतरित समुदाय के लोगों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे चले, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों का कहना है कि पत्रकारिता जैसे पवित्र पेशे की आड़ लेकर इस तरह का अवैध खेल खेला जा रहा है, जिससे वास्तविक पत्रकारों की छवि भी खराब हो रही है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची और कथित पत्रकारों को थाने ले जाने लगी, तो ग्रामीणों ने पुलिस का भी कड़ा विरोध किया। गांव में पैदा हुए भारी तनाव को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को तैनात कर दिया है।

शांति व्यवस्था बहाल करने में जुटा प्रशासन

फिलहाल भरण्डा गांव में स्थिति बेहद नाजुक और तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों से बातचीत कर मामले को शांत कराने की कोशिशों में जुटे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गहनता से तफ्तीश की जा रही है और गाड़ी में आए लोगों के दावों की सच्चाई भी परखी जा रही है। प्रशासन ने इलाके के लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर यकीन न करने की सख्त अपील की है।