शादी की खुशियां मातम में बदलीं, जूता चोरी पर टूटा रिश्ता
गाजीपुर जिले के मुहम्मदपुर कुसुम गांव में एक शादी समारोह उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब हंसी-मजाक की एक परंपरा विवाद का कारण बन गई। मरदह थाना क्षेत्र के बिजौरा गांव से आई बारात में विवाह की शुरुआती रस्में तो बड़े ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुईं, लेकिन अंतिम समय में हुए एक वाकये ने खुशियों के माहौल को पूरी तरह बदल दिया। विवाद इतना गहराया कि दुल्हन पक्ष ने अपनी बेटी को विदा करने से स्पष्ट इनकार कर दिया और बारात को बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है और मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है।
हंसी-मजाक के बीच दूल्हे का आपा खोना बना विवाद की जड़
शादी की रस्मों के दौरान जब सालियों ने दूल्हे का जूता छिपाकर नेग मांगने की परंपरा शुरू की, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि इसका परिणाम इतना गंभीर होगा। आरोप है कि हंसी-मजाक के दौरान दूल्हा अचानक भड़क गया और उसने वहां मौजूद लोगों और महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। दूल्हे के इस अनपेक्षित और उग्र व्यवहार ने वधू पक्ष के लोगों को चौंका दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूल्हे के व्यवहार में आए इस बदलाव ने लड़की वालों के मन में उसकी मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिए, जिसके बाद शादी का जश्न अचानक सन्नाटे में तब्दील हो गया।
दुल्हन पक्ष का विदाई से इनकार और पुलिस की मध्यस्थता
दूल्हे के बर्ताव से आहत और डरे हुए वधू पक्ष ने तुरंत फैसला लिया कि वे अपनी बेटी को ऐसे व्यक्ति के साथ नहीं भेजेंगे। उन्होंने मौके पर ही विदाई रोक दी और बारातियों को भी वहीं रोक लिया गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की काफी कोशिश की। घंटों चली बातचीत और मान-मनौव्वल के बावजूद दुल्हन के परिजन अपने फैसले पर अडिग रहे। उनका तर्क था कि जिस व्यक्ति का अपने व्यवहार पर नियंत्रण नहीं है, उसके साथ उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता।
नौकरी का तर्क और कानूनी कार्रवाई की मांग
दूसरी ओर, बिना दुल्हन के वापस लौटे दूल्हे के परिजन अब न्याय के लिए पुलिस कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं। उनका दावा है कि दूल्हा पूरी तरह स्वस्थ है और वह एक निजी कंपनी में जिम्मेदारी से नौकरी कर रहा है। उनका कहना है कि यदि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होती, तो वह पेशेवर जीवन में सफल नहीं होता। हालांकि, वधू पक्ष किसी भी दलील को सुनने को तैयार नहीं है और वे अपनी बेटी के भविष्य को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के प्रयास अब भी जारी हैं, लेकिन फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है।
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