म्याना पुलिस ने तकरीबन साढ़े तीन माह से लापता नाबालिग बालिका को किया सुरक्षित दस्तयाब
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों पर घटित अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेकर इनमें त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेषण में म्याना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से करीबन साढ़े तीन माह से लापता नाबालिग बालिका को अशोकनगर से सुरक्षित दस्तयाब कर उसके अपहरण एवं दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है ।m प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 23 मई 2026 को म्याना थाने पर एक पिता द्वारा अपनी 17 वर्षीय पुत्री के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से म्याना थाने में अपराध क्रमांक 121/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया था ।
म्याना थाना पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे । इसमें पुलिस द्वारा विभिन्न संभावित स्थानों पर तलाश एवं आवश्यक तकनीकी एवं मैदानी प्रयास किए गए । जिसके क्रम में गत दिनांक 07 सितंबर 2026 को प्रकरण में अपहृत नाबालिग बालिका के अशोकनगर में होने की जानकारी मिलने पर म्याना थाने से तत्काल पुलिस की एक टीम अशोकनगर के लिए रवाना हुई और जहां से पुलिस टीम द्वारा अपहृता को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया । दस्तयाबी के उपरांत पीड़िता के कथनों के आधार पर आरोपी अभिषेक कुशवाह निवासी ग्राम भीकली, थाना पिपरई, जिला अशोकनगर के विरूद्ध प्रकरण में धारा 64(1), 64(2)(m) बीएनएस तथा धारा 5L/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा किया जाकर आरोपी अभिषेक कुशवाह पुत्र बीरबल उर्फ बलवीर कुशवाह, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम भीकली, थाना पिपरई, जिला अशोकनगर को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस द्वारा आरोपी को अग्रिम वैधानिक कार्यवाही हेतु माननीय न्यायालय गुना के समक्ष पेश किया जा रहा है ।
गुना पुलिस द्वारा गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी सुरक्षित दस्तयाबी एवं परिजनों से पुनर्मिलन के लिए लगातार संवेदनशीलता के साथ कार्यवाहियां की जा रही हैं । म्याना थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया, उपनिरीक्षक बुन्देल सिंह सुनेरिया, उपनिरीक्षक विजय सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक सतीश जैन, प्रधान आरक्षक दीपक तोमर, आरक्षक रंजीत जाटव, आरक्षक सुनील यादव, महिला आरक्षक पूनम रघुवंशी एवं महिला आरक्षक दीपशिखा लोधी की सराहनीय भूमिका रही है ।